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महिला विश्व कप जिताने के बाद भी स्मृति मंधाना को आईसीसी रैंकिंग में हुआ एक पायदान का नुकसान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. भारत की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना को वीमेंस वर्ल्ड कप के बाद बड़ा झटका लगा है. स्मृति ने वर्ल्ड कप में काफी दमदार प्रदर्शन किया. फाइनल में भी स्मृति मंधाना के बल्ले से 45 रनों की पारी आई. इस पारी से मंधाना ने शेफाली वर्मा के साथ मिलकर टीम को बेहतर शुरुआत दिलाई. स्मृति मंधाना भारत की तरफ से वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी भी बनीं. लेकिन इसके बाद भी लेटेस्ट वनडे आईसीसी रैंकिंग्स में स्मृति मंधाना से नंबर 1 का ताज छिन गया है. स्मृति वीमेंस वनडे बैटिंग रैंकिंग्स में नंबर 2 पर आ गई हैं. साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोलवार्ड आईसीसी वनडे बैटिंग रैंकिंग में नंबर 1 पर आ गई हैं.

स्मृति मंधाना से छिना नंबर 1 का ताज

स्मृति मंधाना काफी समय से वनडे बैटिंग रैंकिंग में नंबर वन बनी हुई थीं. लेकिन अब स्मृति 811 रेटिंग पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर आ गई हैं. वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में स्मृति मंधाना दूसरे नंबर की खिलाड़ी रहीं. स्मृति ने विश्व कप में 9 मैचों में 54.25 की औसत से 434 रन बनाए. स्मृति मंधाना भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली प्लेयर बनीं.

वीमेंस वर्ल्ड कप 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली साउथ अफ्रीकी कप्तान लौरा वोलवार्ड आईसीसी वनडे बैटिंग रैकिंग में भी नंबर एक पर आ गई हैं. लौरा वोलवार्ड 814 रेटिंग पॉइंट्स के साथ नंबर वन बन गई हैं. लौरा ने भारत-साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले में भी शतकीय पारी खेली. साउथ अफ्रीका की तरफ से लौरा अकेले ही मैदान पर लड़ती रहीं, वहीं कोई और बल्लेबाज अर्धशतकीय पारी भी नहीं खेल पाई.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।