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सेना को जाति और धर्म के आधार पर बांटना लोकतंत्र के लिए दुखद : चिराग पासवान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर कहा कि सेना को जाति और धर्म के आधार पर बांटना लोकतंत्र के लिए दुखद है और ऐसे विषयों को राजनीति में नहीं लाना चाहिए। अगर देश के नेता प्रतिपक्ष की खुद की सोच ऐसी है। वे हमारी सेना को जात-पात धर्म और मजहब में बांट कर देखने का काम कर रहे हैं तो इससे ज्यादा लोकतंत्र के लिए दुखद बात नहीं हो सकती।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि अगर आपको इतनी ही चिंता है तो बता दीजिए ना देश की सत्ता में लंबे समय तक कौन था शासन में? अगर आपको सेना में भी जाति के आधार पर विभाजन करना था तो करवा देते। आपको आज ये याद आ रहा? चुनाव में कई बार आप ऐसी बात बोलते हैं जिससे ध्रुवीकरण हो लेकिन हमेशा एक मर्यादा रखनी चाहिए। सेना एक ऐसा विषय है जिसको किसी भी राजनीति में किसी भी तरीके से कतई नहीं लाना चाहिए।

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।