लोड हो रहा है...

बांग्लादेश में शेख हसीना के बेटे साजिब वाजेद जाय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

ढाका. बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने देश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के निर्वासित बेटे साजिब वाजेद जाय के खिलाफ गुरुवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया। यह वारंट मानवता के खिलाफ अपराध मामले में हसीना को मौत की सजा सुनाने के करीब एक महीने बाद जारी किया गया है।

बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आइसीटी) के एक अभियोजक ने पत्रकारों को बताया, ‘न्यायाधिकरण ने जुलाई-अगस्त, 2024 के विद्रोह के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराध करने के मामले में उनके (साजिब) विरुद्ध दर्ज मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।’

उन्होंने बताया कि आइसीटी मामलों के तत्कालीन जूनियर मंत्री जुनैद अहमद पलक के खिलाफ भी इसी तरह का वारंट जारी किया गया है। वह पहले से ही जेल में हैं।

54 वर्षीय साजिब सूचना संचार विशेषज्ञ हैं और पूर्व प्रधानमंत्री के आइसीटी मामलों के सलाहकार के रूप में कार्य कर चुके हैं। फिलहाल वह अमेरिका में रहते हैं।

छात्रों के नेतृत्व वाले हिंसक आंदोलन के चलते पांच अगस्त, 2024 को शेख हसीना की अगुआई वाली अवामी लीग सरकार अपदस्थ हो गई थी। हसीना तभी से भारत में रह रही हैं। इस वर्ष जनवरी में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने विद्रोह में मारे गए 834 लोगों की सूची जारी की थी।

खालिदा जिया को उपचार के लिए लंदन ले जाने की तैयारी

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की हालत नाजुक बनी हुई है। उनकी स्थिति में सुधार नहीं होने पर उन्हें उन्नत उपचार के लिए लंदन भेजने की तैयारी चल रही है। उनके उपचार के लिए गठित चिकित्सा बोर्ड ने लंदन भेजने का निर्णय लिया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष खालिदा 23 नवंबर से ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती हैं।

खालिदा के निजी चिकित्सक जाहिद हुसैन ने गुरुवार को बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री को उन्नत उपचार के लिए लंदन भेजने का निर्णय एक चिकित्सा बोर्ड ने लिया है। उन्हें देर रात या शुक्रवार की सुबह एयर एंबुलेंस से लंदन भेजा जाएगा। यहीं उनके बड़े बेटे और बीएनपी के कार्यकारी प्रमुख तारिक रहमान रहते हैं। वह एक दशक से ज्यादा समय से लंदन में स्वनिर्वासित जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

साभार : दैनिक जागरण

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।