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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मानसिक रूप से बीमार घोषित किया गया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान की सेना ने आडियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पागल घोषित कर दिया है. सेना के प्रवक्ता ने बकायदा इसको लेकर एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि इमरान अब मानसिक रोगी हो चुके हैं. वे गद्दारों की भाषा बोल रहे हैं. इमरान खान जेल से आम नागरिकों को सेना के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे अब टॉलरेट नहीं किया जाएगा.

जियो टीवी उर्दू के मुताबिक आर्मी के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा- इमरान खान दुश्मन की भाषा बोल रहे हैं. अपने हर बयान में शेख मुजीब-उर रहमान का जिक्र कर रहे हैं. ये मुल्क के साथ गद्दारी है. दरअसल, मुजीब उर रहमान की वजह से ही 1971 में पाकिस्तान का विभाजन हुआ था.

यह घोषणा इमरान खान और उनकी बहन उज्मा के बीच हुई मुलाकात के ठीक 3 दिन बाद की गई है. उज्मा ने अपने भाई से मुलाकात के बाद उन्हें पूर्ण रूप से स्वस्थ्य बताया था. सवाल उठ रहा है कि क्या 3 दिन बाद ही इमरान खान पागल हो गए हैं?

सेना ने अपने बयान में और क्या-क्या कहा है?

अहमद शरीफ चौधरी के मुताबिक अनुच्छेद 19 में सिर्फ अभिव्यक्ति की आजादी की बात नहीं कही गई है. यह कहीं नहीं कहा गया है कि विपक्ष ही लोकतंत्र की परिभाषा को तय करेगा. हम अभिजात्य वर्ग से नहीं आए हैं. सेना को हर मामले में घसीटा जा रहा है. इमरान खान हर मुलाकात में सेना प्रमुख के खिलाफ बयान दे रहे हैं.

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चौधरी ने आगे कहा कि हम किसी को भी पाकिस्तानी सेना और जनता के बीच दरार पैदा करने की इजाजत नहीं देंगे. हम आपको जनता को सेना के खिलाफ भड़काने की इजाजत नहीं देंगे. हम आपको सेना और जनता के बीच खाई पैदा करने की इजाजत नहीं देंगे.

मुनीर के रक्षा प्रमुख बनने के तुरंत बाद बयान

गुरुवार (4 दिसंबर) को पाकिस्तान की सरकार ने आसिम मुनीर को सेना प्रमुख पद से रक्षा प्रमुख पद पर तैनाती की घोषणा की थी. पाकिस्तान में रक्षा प्रमुख का पद सबसे बड़ा पद माना जा रहा है. तीनों सेना की कमान अब पाकिस्तान में रक्षा प्रमुख को दे दी गई है. मुनीर के खिलाफ पाकिस्तान में न तो कोई मुकदमा चलाया जा सकता है और न ही उसे हटाया जा सकता है.

ब्रिटेन की द गार्जियन अखबार ने पाकिस्तान सरकार के इस फैसले को मुनीर को तनाशाह बनाने वाला फैसला बताया है. दिलचस्प बात है कि पाकिस्तान सेना का इमरान को लेकर यह बयान मुनीर के प्रमोशन के ठीक एक दिन बाद आया है. पाकिस्तान में अब तक सेना इमरान के खिलाफ सीधे बोलने से कतराती रही है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।