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सऊदी अरब ने उमराह करने आने वाले 14 देशों के नागरिकों पर लगाया अस्थायी वीजा प्रतिबंध

Saransh Kanaujia
3 Min Read

रियाद. सऊदी अरब ने बड़ा फैसला लेते हुए भारत-पाकिस्तान समेंत 14 देशों पर बड़ा एक्शन लिया है. सऊदी विदेश मंत्रालय ने इन 14 देशों के लिए अस्थायी वीजा पर पाबंदी लगा दी है. इस बैन के तहत उमराह, बिजनेस और फैमिली वीज़ा पर रोक लगाई गई है. यह पाबंदी फिलहाल जून के मध्य तक जारी रहेगी. हालांकि जिन लोगों के पास उमराह वीज़ा है, वे 13 अप्रैल तक सऊदी अरब में प्रवेश कर सकते हैं.

कौन-कौन से हैं 14 देश

जिन 14 देशों पर यह वीज़ा बैन लागू हुआ है उनमें- भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, इराक, नाइजीरिया, जॉर्डन, अल्जीरिया, सूडान, इथियोपिया, ट्यूनिशिया और यमन शामिल हैं. इस अस्थायी रोक के पीछे की अहम वजहों में अवैध रूप से हज में हिस्सा लेना और वीज़ा नियमों का उल्लंघन करना बताया गया है.

क्यों लिया सऊदी अरब ने फैसला

पहले कई लोग सऊदी अरब में मल्टीपल एंट्री वीजा लेकर उमराह या किसी और मकसद से आते थे लेकिन हज सीजन के दौरान वहीं रुक जाते थे और बिना अनुमति के हज में शामिल हो जाते थे. इससे भीड़ और सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा होती थीं. इसके अलावा कुछ लोग बिजनेस व फैमिली वीजा लेकर वहां जाकर गैरकानूनी रूप से काम करने लगते थे, जिससे सऊदी अरब के लेबर सिस्टम में बाधा आती थी.

क्या बोला सऊदी विदेश मंत्रालय?

सऊदी विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह फैसला हज के लिए आने वाले यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के पालन को यकीनी बनाने के लिए लिया गया है. सरकार ने सभी प्रभावित यात्रियों से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की पेनल्टी से बचा जा सके. साथ ही अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि जो लोग इस वीजा बैन के बावजूद गैरकानूनी रूप से सऊदी अरब में रुकते हैं, उन्हें आगे पांच साल तक देश में एंट्री की इजाजत नहीं दी जाएगी.

हज को लेकर जारी की डिजिटल गाइड

हज और उमराह मंत्रालय ने हाल ही में 16 भाषाओं में एक डिजिटल गाइड भी जारी की है, जिसमें उर्दू, अंग्रेजी, अरबी, तुर्की, फ्रेंच, फारसी और इंडोनेशियन जैसी भाषाएं शामिल हैं. यह गाइड पीडीएफ और ऑडियो फॉर्मेट में मौजूद है और मंत्रालय की वेबसाइट पर इसे डाउनलोड किया जा सकता है. इसका मकसद विभिन्न देशों से आने वाले तीर्थयात्रियों को हज के नियमों और प्रक्रियाओं की बेहतर जानकारी देना है.

साभार : जी न्यूज

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