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मुहर्रम के जुलूस के दौरान कटिहार में मंदिर पर पथराव के बाद 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार के कटिहार में मुहर्रम के जुलूस के दौरान हिंसक झड़प हुई। इस वजह से पूरे शहर में 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया है। सरकार ने सोशल मीडिया पर भी रोक लगा दी है। गृह विभाग ने इस बारे में आदेश जारी किया है। रविवार को मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक मंदिर पर पत्थर फेंके गए थे। इसका वीडियो भी मौजूद है। हालात को काबू पाने में कई पुलिस वाले और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। ये घटना नगर थाना के नए टोला इलाके में हुई।

पटना से प्रशासन की पैनी नजर

मुहर्रम के जुलूस के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद एहतियात के तौर पर पूरे शहर में 24 घंटे के लिए सोशल मीडिया और इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई। इस संबंध में बिहार के गृह विभाग ने आदेश जारी किया है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी के मुताबिक सभी जिलों में स्थिति नियंत्रण में है। जिला प्रशासन को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। छिटपुट कुछ घटनाएं हुई हैं, जिन पर नजर रखी जा रही है। जैसे सूचना मिल रही है, स्थानीय प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंच रहा है। जहां भी अतिरिक्त बल की जरूरत थी, वहां मुहैया कराया गया है। जिला प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

अफवाह से बचने की अपील

कटिहार के डीएम मनीष कुमार मीणा ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने ये भी कहा कि लोग अफवाह न फैलाएं। किसी तरह की भ्रामक स्थिति उत्पन्न ना करें। कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर शांति की अपील की। उन्होंने कहा, ‘कटिहार वासियों से मेरा निवेदन है, गुजारिश है, हमें शांति व्यवस्था को बनाए रखना है। कटिहार हमेशा से आपसी भाईचारे के लिए प्रसिद्ध रहा है। आज जो घटना कटिहार में हुई है वह दुखद है।’

इस वजह से बिगड़े हालात

दरअसल, नया टोला इलाके में मुहर्रम का जुलूस निकल रहा था। तभी दो गुटों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। देखते ही देखते पत्थरबाजी शुरू हो गई। पत्थरबाजी में एक मंदिर को भी नुकसान पहुंचा है। कई बाइक और एक डीजे गाड़ी भी तोड़ दी गई। स्थिति को संभालने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। डीएसपी, एसपी और नगर विधायक मौके पर मौजूद रहे। पूरा इलाका पुलिस छावनी में बदल गया है। अब 24 घंटे के लिए इंटरनेट पर बैन लगा दिया गया।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।