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क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पूर्व पत्नी हसीन जहां गुजारा भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और पश्चिम बंगाल सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा है। यह नोटिस शमी की अलग रह रही पत्नी हसीन जहां की उस याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने गुजारा भत्ता बढ़ाने की मांग की है। हसीन जहां ने कोर्ट से कहा है कि वर्तमान राशि उनके और बेटी के खर्चों के लिए अपर्याप्त है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि अंतरिम राहत के तौर पर कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा तय की गई राशि काफी उचित लगती है। अदालत ने कहा कि अंतिम निर्णय से पहले दोनों पक्षों का पक्ष सुनना आवश्यक है।

हाई कोर्ट का आदेश

इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि मोहम्मद शमी अपनी पत्नी और बेटी को हर महीने कुल चार लाख रुपये बतौर गुजारा भत्ता दें। हाई कोर्ट ने हसीन जहां को हर महीने 1.50 लाख रुपये और बेटी को 2.50 लाख रुपये का गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया था। इस आदेश के खिलाफ अब हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और बढ़ी हुई राशि की मांग की है।

विवादों में रहा रिश्ता

मोहम्मद शमी और हसीन जहां के बीच 2018 से विवाद चल रहा है। हसीन जहां ने शमी पर घरेलू हिंसा और धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। इसके बाद दोनों अलग रहने लगे। अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है और अगली सुनवाई में दोनों पक्षों को अपना जवाब दाखिल करना होगा।

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इतने रुपये प्रतिमाह दे रहे शमी

उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अजय कुमार मुखर्जी द्वारा पारित आदेश में कहा गया था, ‘मेरे विचार से, याचिकाकर्ता नंबर एक (हसीन जहां) को 1,50,000 रुपये प्रति माह और उनकी बेटी को 2,50,000 रुपये की राशि मामले का निपटारा होने तक दोनों याचिकाकर्ताओं के लिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उचित होगा।’ आदेश में कहा गया था, ‘हालांकि याचिकाकर्ता के बच्चे के संबंध में पति/विपरीत पक्ष (शमी) को हमेशा स्वेच्छा से उसकी शिक्षा और/या अन्य उचित खर्चों में उपरोक्त राशि के अतिरिक्त सहायता करने की स्वतंत्रता होगी।’

हसीन जहां का बयान

कोर्ट के इस फैसले के बाद हसीन जहां का बयान आया था। उन्होंने बताया कि शादी से पहले वह मॉडलिंग करती थीं, लेकिन शमी ने उन्हें गृहिणी बनकर जीने के लिए कहा। हसीन जहां ने कहा- ‘मैं शादी से पहले मॉडलिंग और एक्टिंग करती थी। शमी ने मुझे मेरा पेशा छोड़ने के लिए मजबूर किया। वह चाहता था कि मैं सिर्फ एक गृहिणी की जिंदगी जियूं। मैं शमी से इतना प्यार करती थी कि मैंने खुशी-खुशी यह स्वीकार कर लिया… लेकिन अब मेरे पास खुद की कोई कमाई नहीं है। हमारे भरण-पोषण की सारी जिम्मेदारी शमी को उठानी होगी।’

हसीन जहां ने शमी पर उनकी जिंदगी बर्बाद करने का आरोप भी लगाया था। उन्होंने आगे कहा था- ‘वह (शमी) अपनी बेटी की सुरक्षा, भविष्य और खुशी नहीं देख सकता। उसे हसीन जहां की जिंदगी बर्बाद करने की अपनी जिद भी छोड़ देनी चाहिए। वह मुझे बर्बाद नहीं कर सकता क्योंकि मैं न्याय के रास्ते पर हूं, जबकि वह अन्याय के रास्ते पर है।’

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।