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चीन ने अपने मिलिट्री प्लेन से जापानी लड़ाकू विमानों पर अपना ‘रडार लॉक’ करके की उकसावे वाली कार्रवाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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टोक्यो. जापान में ओकिनावा के आसपास उड़ान भर रहे जापानी लड़ाकू विमानों को गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा. चीन के विमानवाहक पोत लियाओनिंग से उड़ान भरकर आए एक J-15 फाइटर ने जापान के F-15 जेट पर रडार लॉक कर दिया. यह वही स्थिति होती है, जब कोई विमान अपने सामने मौजूद लक्ष्य पर मिसाइल दागने की तैयारी करता है. जापान ने इस कदम को खतरनाक बताते हुए चीन को औपचारिक विरोध दर्ज कराया है.

जापानी रक्षा मंत्रालय के अनुसार दो अलग-अलग मौकों पर यह घटना हुई. पहले दोपहर में लगभग तीन मिनट तक रडार लॉक किए जाने की पुष्टि हुई, जबकि दूसरी बार यह कार्रवाई रात में करीब 30 मिनट तक चली. जापानी विमानों ने लगातार निगरानी रखी, लेकिन चीन के जेट ने उनके हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया. किसी तरह की क्षति या चोट की सूचना भी नहीं मिली हैं.

जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी का बयान

ABC की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने कहा कि यह उड़ान सुरक्षा से जुड़े नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है. ऐसे कदम भविष्य में दुर्घटनाओं या बड़े टकराव का कारण बन सकते हैं. उन्होंने चीन से तत्काल प्रभाव से ऐसी हरकतें रोकने की मांग की. दूसरी ओर, चीन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, जबकि हाल में उसके विदेश मंत्रालय ने यह कहा था कि चीनी नौसेना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करती है.

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सैन्य तनाव बढ़ने की आशंका

यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है जब दोनों देशों के रिश्तों में पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है. कुछ दिन पहले जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा था कि ताइवान पर किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई की स्थिति में जापान भी भूमिका निभाएगा. उनके इस बयान को चीन ने उकसाने वाली टिप्पणी बताया था. इसी पृष्ठभूमि में रडार लॉक की यह घटना दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव को और बढ़ा सकती है.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।