पटना. बिहार में औद्योगिक माहौल बनाने के लिए नीतीश सरकार ने बड़ा फैसला किया. उद्योगपतियों को बड़ा मैसेज देने के लिए खासकर सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. जैसे केंद्र में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल काम करता है वैसे ही बिहार में भी बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. दरअसल , बिहार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि- केंद्र में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल है उसी तर्ज पर बिहार में बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल का गठन हम करने जा रहे हैं, इसके लिए सरकार को हम प्रस्ताव भेजेंगें. निवेशक निर्भीक होकर अपना निवेश कर सके उद्योग लगा सकें, इसे देखते हुए उनके लिए अलग से सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए हम प्रस्ताव सरकार को भेजने जा रहे हैं.
वहीं, नीतीश कुमार भी बिहार में औद्योगिक माहौल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं और शनिवार को लगभग दो घंटे से ज़्यादा वक्त तक बैठक कर सरकार की मंशा साफ कर दी है कि बिहार में आने वाले पांच साल में ना सिर्फ़ बड़े पैमाने पर निवेश आए बल्कि उद्योगपतियों का रुझान भी बिहार के प्रति सकारात्मक हो जिसके लिए सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी.
सीएम नीतीश की बैठक में फैसला
शनिवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बिहार को भारत के शीर्ष पांच निवेश-अनुकूल राज्यों में शामिल करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. नीतीश सरकार ने अगले पांच वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित करने की महत्वाकांक्षी कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया. इसके तहत- Ease of Doing Business को और सुदृढ़ किया जाएगा. 5 नए मेगा फूड पार्क स्थापित होंगे. 10 औद्योगिक पार्क और 100 एमएसएमई पार्क विकसित किए जाएंगे. 7 लाख युवाओं को उद्योग–प्रासंगिक कौशल एवं उद्यमिता का प्रशिक्षण दिया जाएगा. सभी जिलों में एमएसएमई केंद्र स्थापित किया जाएगा. स्थानीय उत्पादों के निर्यात एवं बाजार सुविधा का विस्तार किया जाएगा . पिछले दो दशक में बिहार का औद्योगिक परिदृश्य काफी बदला है.
शनिवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बिहार को भारत के शीर्ष पांच निवेश-अनुकूल राज्यों में शामिल करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. नीतीश सरकार ने अगले पांच वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित करने की महत्वाकांक्षी कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया. इसके तहत- Ease of Doing Business को और सुदृढ़ किया जाएगा. 5 नए मेगा फूड पार्क स्थापित होंगे. 10 औद्योगिक पार्क और 100 एमएसएमई पार्क विकसित किए जाएंगे. 7 लाख युवाओं को उद्योग–प्रासंगिक कौशल एवं उद्यमिता का प्रशिक्षण दिया जाएगा. सभी जिलों में एमएसएमई केंद्र स्थापित किया जाएगा. स्थानीय उत्पादों के निर्यात एवं बाजार सुविधा का विस्तार किया जाएगा . पिछले दो दशक में बिहार का औद्योगिक परिदृश्य काफी बदला है.
औद्योगिक क्षेत्रों की संख्या बढ़ी
मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि 2005-2025 के बीच बिहार के औद्योगिक ढांचे में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है. औद्योगिक क्षेत्रों की संख्या 46 से बढ़कर 94 औद्योगिक इकाइयों की संख्या 1674 से बढ़कर 3500 बिहार का औद्योगिक निर्यात 25 करोड़ से बढ़कर 17,000 करोड़ एमएसएमई की संख्या 72 हजार से बढ़कर 35 लाख राज्य के GSDP में उद्योग का योगदान 5.4% से बढ़कर 21% से अधिक हुआ जाहिर है अगर ये वृद्धि बरकरार रही तो अगले दशक में बिहार पूर्वी भारत का नया औद्योगिक इंजिन बनेगा.
मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि 2005-2025 के बीच बिहार के औद्योगिक ढांचे में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है. औद्योगिक क्षेत्रों की संख्या 46 से बढ़कर 94 औद्योगिक इकाइयों की संख्या 1674 से बढ़कर 3500 बिहार का औद्योगिक निर्यात 25 करोड़ से बढ़कर 17,000 करोड़ एमएसएमई की संख्या 72 हजार से बढ़कर 35 लाख राज्य के GSDP में उद्योग का योगदान 5.4% से बढ़कर 21% से अधिक हुआ जाहिर है अगर ये वृद्धि बरकरार रही तो अगले दशक में बिहार पूर्वी भारत का नया औद्योगिक इंजिन बनेगा.
31 नए औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे
बैठक में शामिल मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि डोभी (गयाजी) में 1700 एकड़ में फैले इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) की स्थापना अंतिम चरण में है. इसके साथ ही 29 जिलों में 14,036 एकड़ भूमि पर 31 नए अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनमें 10 सेक्टर-विशेष पार्क (टेक्सटाइल पार्क, फार्मा पार्क आदि) शामिल होंगे. राज्य में औद्योगिक विकास हेतु कुल 26,000 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे. बिहार को लेकर एक बड़ी खबर ये है कि बिहार को पूर्वी भारत का नया टेक-हब बनाने की तैयारी चल रही है. इसके लिए राज्य में डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी की स्थापना हेतु उच्चस्तरीय समितियां गठित की गई हैं.
बैठक में शामिल मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि डोभी (गयाजी) में 1700 एकड़ में फैले इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) की स्थापना अंतिम चरण में है. इसके साथ ही 29 जिलों में 14,036 एकड़ भूमि पर 31 नए अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनमें 10 सेक्टर-विशेष पार्क (टेक्सटाइल पार्क, फार्मा पार्क आदि) शामिल होंगे. राज्य में औद्योगिक विकास हेतु कुल 26,000 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे. बिहार को लेकर एक बड़ी खबर ये है कि बिहार को पूर्वी भारत का नया टेक-हब बनाने की तैयारी चल रही है. इसके लिए राज्य में डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी की स्थापना हेतु उच्चस्तरीय समितियां गठित की गई हैं.
साभार : न्यूज18
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