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सुरक्षाबलों ने राजौरी के पहाड़ी जंगल में आतंकवादियों को घेरा, मुठभेड़ जारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के कांडी थाना क्षेत्र के बीरंथुब इलाके में आतंकियों और विशेष अभियान दल (SOG) की टीम के बीच गोलीबारी की खबर सामने आई है. जोनल पुलिस मीडिया सेंटर, जम्मू के अनुसार, पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें मौके पर पहुंच गई हैं. पूरे इलाके को घेर लिया गया है. सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है. माना जा रहा है कि इलाके में 2-3 आतंकी छिपे हुए हैं.

खुफिया इनपुट के बाद इलाके की घेराबंदी

सुरक्षा बलों को आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. यह मुठभेड़ कालाकोट क्षेत्र के ब्रावी लिंक रोड पर स्थित बाजी साहब दरबार के पास हुई है. यह जगह नियंत्रण रेखा (LoC) से करीब 95 किलोमीटर की दूरी पर है.

आतंकियों के घने जंगल में छिपे होने की आशंका

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी भारी हथियारों से लैस हैं और उन्होंने घने जंगलों वाले दुर्गम पहाड़ी इलाके में पनाह ले रखी है. माना जा रहा है कि उन्हें इस जगह तक पहुंचने में स्थानीय मदद मिली है. सुरक्षाबलों ने आतंकियों को लोकेट कर लिया है और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए अतिरिक्त फोर्स मौके पर भेजी गई है.

बताया जा रहा है कि इलाके में भारी बर्फबारी और फिसलन भरी जमीन के कारण अभियान में सुरक्षा बलों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसके बावजूद अतिरिक्त सैनिकों को मौके पर भेज दिया गया है और पूरे इलाके को चारों ओर से घेर लिया गया है ताकि आतंकियों के भागने की कोई संभावना न रहे. सेना ड्रोन और थर्मल इमेजिंग डिवाइस की मदद से आतंकियों की सटीक लोकेशन का पता लगाने में जुटी है.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।