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भारतीय मूल के सिंह स्वर्णजीत अमेरिका के नार्विच शहर के पहले सिख मेयर चुने गए

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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वाशिंगटन.अमेरिका के मेयर चुनाव में भारतीय मूल के एक और कारोबारी ने इतिहास रचा है। रियल एस्टेट कारोबारी स्वर्णजीत सिंह खालसा को कनेक्टिकट प्रांत के नॉर्विच शहर का मेयर चुना गया है। वह राज्य के पहले सिख मेयर बने हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार स्वर्णजीत को कुल 3,978 वोट (57.25 प्रतिशत) हासिल हुए, जबकि उनकी रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी स्टेसी गोल्ड को 2,828 वोट (40.7 प्रतिशत) मिले। यह चुनाव 4 नवंबर को हुए सामान्य चुनावों का हिस्सा था, जिसमें भारतीय मूल के कई उम्मीदवारों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

कौन हैं स्वर्णजीत

स्वर्णजीत की चुनावी वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने नॉर्विच को “एक ऐसे शहर के रूप में वर्णित किया है, जिसने उनके परिवार को दिल खोलकर अपनाया है।” इसमें कहा गया है कि 1984 में भारत में हुए सिख विरोधी दंगों के बाद उनका परिवार पलायन कर गया था। स्वर्णजीत मूल रूप से भारत के पंजाब के जालंधर जिले के निवासी हैं। हिंसक उत्पीड़न के खतरे से मुक्ति पाने के लिए उनका परिवार 2007 में अमेरिका पहुंचा था। स्वर्णजीत रियल एस्टेट कारोबारी हैं और नॉर्विच में एक गैस स्टेशन के मालिक भी हैं।

पूरे शहर में सिर्फ 10 सिख परिवार, फिर भी हासिल की जीत

जिस नॉर्विच शहर से स्वर्णजीत को मेयर चुना गया है, वहां केवल लगभग 10 सिख परिवार रहते हैं, लेकिन उनकी जीत व्यापक समर्थन पर आधारित थी। स्वर्णजीत भारतीय मूल के उन उम्मीदवारों में शामिल हैं, जिन्होंने 4 नवंबर के चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इनमें सबसे प्रमुख न्यूयॉर्क शहर के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी की जीत भी शामिल है। वहीं वर्जीनिया के नवनिर्वाचित लेफ्टिनेंट गवर्नर गज़ाला हाशमी (Ghazala Hashmi), ओहायो के नवनिर्वाचित मेयर आफ़ताब पुरवाल (Aftab Pureval),और होबोकेन के पूर्व मेयर रवि भल्ला (Ravi Bhalla) न्यू जर्सी प्रांतीय विधानसभा के लिए चुने गए हैं। चुनाव में विजय मिलने के बाद स्वर्णजीत ने कहा, “यह न केवल मेरी बल्कि पूरे सिख समुदाय की जीत है।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।