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सोनिया गांधी भी नहीं करा पाई सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार में सुलह, अब होगी एक और बैठक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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बेंगलुरु. कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर चल रही चर्चा पर कांग्रेस हाईकमान जल्द ही एक और बड़ी बैठक करने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से यह मामला गरमाया हुआ है और पार्टी के भीतर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच, कांग्रेस नेतृत्व ने राज्य के नेताओं को साफ निर्देश दिया है कि वे इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयानबाजी न करें।

सीएम पद को लेकर नहीं हो सका अंतिम फैसला

शनिवार को दिल्ली में सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर इस मामले पर लंबी बैठक हुई। इसमें सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल मौजूद थे। हालांकि कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका। बैठक के बाद वेणुगोपाल ने बताया कि चर्चा सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और 14 दिसंबर को रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की रैली की तैयारियों पर भी बात हुई।

ढाई साल पर सीएम बदलने की बात उठी

दरअसल, कनर्नाटक में कांग्रेस सरकार को अभी हाल ही में ढाई साल पूरे हुए है। इसी के बाद फिर से बात उठने लगी कि 2023 में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच सत्ता में बारी-बारी से बैठने का कोई समझौता हुआ था या नहीं। इसी वजह से नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा लगातार तेज बनी हुई है। पार्टी नेता दावा कर रहे हैं कि कर्नाटक मसले पर जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल, कांग्रेस आलाकमान ने सभी नेताओं को चुप रहने को कहा है ताकि किसी तरह का विवाद और न बढ़े।

साभार : नवभारत टाइम्स

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।