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सुरक्षाबलों ने कुलगाम में एक आतंकवादी को किया ढेर, अधिकारी सहित 3 जवान घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी। जानकारी के अनुसार, इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के 3 से 4 आतंकियों के छिपे होने की खबर थी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान आतंकियों ने अचानक फायरिंग कर दी, जिसमें एक अधिकारी समेत तीन जवान घायल हो गए। वहीं सुरक्षाबलों ने आतंकी को ढेर कर दिया है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और आतंकियों की तलाश जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने गुडार वन क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद तलाश अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों द्वारा सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाने के बाद तलाश अभियान मुठभेड़ में बदल गया। फिलहाल मामले में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। भारतीय सेना की चिनार कोर ने एक्स पर पोस्ट किया कि सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर, आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई, जिसके दौरान एक आतंकवादी मारा गया और एक जूनियर कमीशन अधिकारी घायल हो गया।

आतंकी साजिश मामले जम्मू-कश्मीर में छापेमारी

इस बीच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने सोमवार को पांच राज्यों और जम्मू-कश्मीर में 22 ठिकानों पर छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक आतंकी साजिश से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में की जा रही है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में बारामूला, कुलगाम, अनंतनाग और पुलवामा जिलों में तलाशी जारी है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।