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अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गैंगस्टर भानु राणा गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

वाशिंगटन. हरियाणा पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कामयाबी मिली है. भारत के दो मोस्ट वांटेड गैंगस्टर  वेंकटेश गर्ग और भानु राणा को जॉर्जिया और अमेरिका में हिरासत में लिया गया है. दोनों को जल्द भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. वेंकटेश गर्ग को जॉर्जिया से प्रत्यर्पित किया जा रहा है, जबकि भानु राणा को अमेरिका से डिपोर्ट किया जाएगा.

कौन है वेंकटेश गर्ग?

वेंकटेश गर्ग, हरियाणा के नारायणगढ़ का रहने वाला है. उसके खिलाफ हत्या, लूट और फिरौती के 10 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. वह गुरुग्राम में बसपा नेता की हत्या में भी शामिल रहा है. फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भागने के बाद उसने जॉर्जिया को अपना नया ठिकाना बना लिया. जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि वह वहां से शूटरों की भर्ती कर रहा था. दिल्ली में हाल ही में हुई फायरिंग के मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई. वेंकट सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को पैसे का लालच देकर अपने गैंग में शामिल कर रहा था. वह कपिल सांगवान के साथ मिलकर एक्सटॉर्शन का सिंडिकेट चला रहा है.

 भानु राणा हथियार सप्लाई का नेटवर्क संभालता है

 भानु राणा हरियाणा के करनाल का निवासी है. वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है और हथियार सप्लाई का नेटवर्क संभालता है. करनाल STF ने उसके इशारे पर काम कर रहे दो लोगों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था.भानु राणा जेल में बंद होने के बावजूद मोबाइल और सोशल मीडिया के जरिए अपने गैंग को निर्देश देता था. उसका नेटवर्क हरियाणा, पंजाब और दिल्ली तक फैला हुआ है.

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस समय दो दर्जन से ज्यादा बड़े गैंगस्टर विदेशों में बैठकर भारत में अपने सिंडिकेट चला रहे हैं.  इनमें गोल्डी बराड़, कपिल सांगवान, अनमोल बिश्नोई, हैरी बॉक्सर, हिमांशु भाऊ जैसे नाम शामिल हैं। ये गैंगस्टर पुर्तगाल, कनाडा, अमेरिका, इंग्लैंड और UAE जैसे देशों में सक्रिय हैं और भारत में अपराध की जड़ें मजबूत कर रहे हैं.

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।