मुंबई. CBI ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के बड़े बेटे जय अनमोल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोप है कि रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस से जुड़ी कंपनियों ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ 228.06 करोड़ रुपए का धोखाधड़ी किया।
CBI अधिकारियों के मुताबिक, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) ने यूनियन बैंक से अलग-अलग लोन लिए थे।
ये लोन जनरल पर्पज कॉर्पोरेट लोन के नाम पर लिए गए, लेकिन इनका इस्तेमाल नियमों के खिलाफ दूसरी जगह डायवर्ट कर दिया गया। जय अनमोल पहली बार किसी बड़े क्रिमिनल केस में सीधे आरोपी बने हैं।
जय अनमोल अंबानी का रोल क्या था?
जब लोन लेकर फंड डायवर्ड किया गया तब जय अनमोल रिलायंस होम फाइनेंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे। CBI का कहना है कि उन्होंने और अन्य डायरेक्टर्स ने मिलकर बैंक को गलत जानकारी दी और लोन की शर्तों का उल्लंघन किया। इसके चलते बैंक को 228.06 करोड़ का नुकसान हुआ।
CBI ने RHFL, RCFL, अनमोल और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की धारा 120B (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के साथ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। यूनियन बैंक ने खुद इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी।
ADA ग्रुप पर अलग-अलग बैंकों से धोखाधड़ी को आरोप
यूनियन बैंक के अलावा अनिल अंबानी ग्रुप पर SBI, यस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक और PNB जैसे बैंकों के साथ बड़े फ्रॉड केस चल रहे हैं। जून 2025 में SBI ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और अनिल अंबानी को फ्रॉड घोषित किया, जहां 40,000 करोड़ से ज्यादा लोन डिफॉल्ट हुए।
SEBI ने अगस्त 2024 में अनिल अंबानी और 24 अन्य को 5 साल के लिए मार्केट से बैन कर दिया, क्योंकि RHFL से 5,000 करोड़ से ज्यादा फंड्स लोन के नाम पर डायवर्ट किए गए। ED ने अनिल अंबानी को अगस्त और नवंबर 2025 में पूछताछ के लिए बुलाया, जहां 17,000 करोड़ के लोन फ्रॉड पर सवाल किए गए।
अनिल अंबानी की कंपनियों पर कई मामले चल रहे
अनिल अंबानी की कंपनियां पिछले कुछ सालों से लगातार कर्ज और डिफॉल्ट के मामलों में घिरी रही हैं। रिलायंस कम्युनिकेशंस दिवालिया हो चुकी है। रिलायंस कैपिटल और रिलायंस इंफ्रा भी NCLT में हैं। रिलायंस होम फाइनेंस को भी 2022 में RBI ने स्पेशल ऑडिट के बाद पेनल्टी लगाई थी।
अनिल अंबानी की कुल ₹10,117 करोड़ की संपत्ति जब्त
पिछले हफ्ते शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों की 1,120 करोड़ रुपए की नई संपत्तियां अटैच की थी।
इससे पहले ED ने 20 नवंबर को अनिल अंबानी से जुड़ी करीब 1,400 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टीज अटैच की थी। वहीं, अलग-अलग कई मामलों में ग्रुप से जुड़ी 10,117 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
साभार : दैनिक भास्कर
‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :
https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/
आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:
https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6
यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक
Matribhumisamachar


