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डीजीसीए ने इंडिगो एयरलाइंस के उड़ान कार्यक्रम में 5% की कटौती करने का निर्देश दिया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. विमानन नियामक डीजीसीए ने परिचालन संकट से गुजर रही एयरलाइन इंडिगो को सर्दियों के दौरान अधिक मांग वाले मार्गों पर नियोजित उड़ानों में पांच प्रतिशत की कटौती करने का आदेश दिया है। डीजीसीए देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की सेवाओं को सुव्यवस्थित करने की कोशिश कर रहा है। कड़े सुरक्षा नियमों के लिए योजना बनाने में नाकाम रहने की वजह से इंडिगो को देश भर में हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। डीजीसीए ने आठ दिसंबर के अपने आदेश में इंडिगो को बुधवार तक संशोधित उड़ान कार्यक्रम प्रस्तुत करने को कहा। नवीनतम आदेश अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई का हिस्सा है।

इंडिगो के सीईओ का दावा, 1800 से ज्यादा फ्लाइट ऑपरेट

इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने आज दावा किया कि मंगलवार को 1,800 से ज्यादा उड़ानें संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 5 दिसंबर को केवल 700 फ्लाइट ऑपरेटर की गई थीं। धीरे-धीरे इसमें सुधार हो रहा है। 6 दिसंबर को इंडिगो की 1,500 फ्लाइट ऑपरेट की जबकि 7 दिसंबर को यह संख्या 1,650 रही। 8 दिसंबर यानी सोमवार को 1,800 उड़ानें भरी गईं। हम अपने नेटवर्क के सभी 138 डेस्टिनेशन के लिए उड़ान भरने के लिए वापस आ गए हैं और हमारे ऑन-टाइम परफॉर्मेंस सामान्य हो गया है।

मुंबई एयरपोर्ट पर औचक निरीक्षण

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव मधुसूदन शंकर ने मंगलवार को मुंबई एयरपोर्ट पर औचक निरीक्षण किया। एयरपोर्ट के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए शंकर ने कहा, “मैं यहाँ एक सरप्राइज चेक करने आया था। सब कुछ कंट्रोल में है। हमने सभी संबंधित लोगों, खासकर एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और ATC कंट्रोल मैनेजर्स से बात की। बहुत सुधार भी हुए हैं। एयरपोर्ट पर 780 बैगेज उपलब्ध हैं और इनमें से 90% कल तक लोगों को मिल जाएंगे जबकि 10% इंटरनेशनल लेवल पर डिस्पैच होंगे। यात्रियों को उनकी फ्लाइट के समय से छह घंटे पहले सूचना दी जा रही है, ताकि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना न हों।”
साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।