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जम्मू व कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ में दो जवानों का बलिदान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है. खबर आ रही है कि इस मुठभेड़ के दौरान सेना के जवान शहीद हो गए हैं. सेना ने शनिवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार रात आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए. शुक्रवार को आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान दो जवान घायल भी हुए. 1 अगस्त से शुरू हुए इस मुठभेड़ में अब तक एक आतंकवादी मारा गया है. भारतीय सेना की चिनार कोर सोशल मीडिया एक्स पर किए एक पोस्ट में लिखा कि चिनार कोर राष्ट्र के लिए कर्तव्य निभाते हुए वीरों, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रितपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करती है. उनका साहस और समर्पण हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा. सेना गहरी संवेदना व्यक्त करती है और शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ी है. अभियान जारी है.

अधिकारियों ने बताया कि ये मुठभेड़ पिछले नौ दिनों से चल रही है. यह घाटी में सबसे लंबे आतंकवाद विरोधी अभियानों में से एक है. पुलिस और सेना के शीर्ष कमांडर नियमित रूप से अभियान की निगरानी के लिए मुठभेड़ स्थल का दौरा कर रहे हैं. जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, जो व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नज़र रख रहे हैं, ने कहा कि हां, दुर्गम इलाके और जंगली इलाके के कारण इसमें समय लग रहा है. लेकिन हम उन्हें पकड़ लेंगे. आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद, सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर जिले के अखल स्थित एक जंगली इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके बाद 1 अगस्त को मुठभेड़ शुरू हुई. अधिकारियों ने बताया कि पिछले शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच शुरुआती गोलीबारी के बाद, रात के लिए अभियान रोक दिया गया था, लेकिन घेराबंदी को और मज़बूत कर दिया गया और अतिरिक्त बल इलाके में भेजा गया.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।