लोड हो रहा है...

बेल्जियम के सुप्रीम कोर्ट ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की अपील खारिज कर दी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

ब्रुसेल्स. भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। बेल्जियम के सुप्रीम कोर्ट ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील खारिज कर दी है। कोर्ट के एक अधिकारी ने ये जानकारी दी है। गौरतलब है कि पीएनबी घोटाला देश में काफी चर्चा में आया था। इस घोटाले का मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी है।

क्या है पूरा मामला?

बेल्जियम के सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी को बड़ा झटका दिया। दरअसल मेहुल ने अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील की थी लेकिन कोर्ट ने इस अपील को खारिज कर दिया। ऐसे में ये उम्मीद जताई जा रही है कि मेहुल चोकसी को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। गौरतलब है कि मेहुल चोकसी, पंजाब नेशनल बैंक में कथित 13000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी है।

किसने की मेहुल की अपील खारिज होने की पुष्टि?

कोर्ट ऑफ कैसेशन के प्रवक्ता, एडवोकेट जनरल हेनरी वेंडरलिंडन ने PTI को ये जानकारी दी। उन्होंने कहा, “कोर्ट ऑफ कैसेशन ने अपील खारिज कर दी है। इसलिए, कोर्ट ऑफ अपील का फैसला बरकरार है।”

बता दें कि एंटवर्प अपीलीय न्यायालय ने चोकसी के प्रत्यर्पण के भारत के अनुरोध को बरकरार रखते हुए इसे “प्रवर्तनीय” बताया था। अपीलीय न्यायालय ने फैसला सुनाया था कि 13,000 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी चोकसी को भारत प्रत्यर्पित किये जाने पर, निष्पक्ष सुनवाई से वंचित किये जाने या दुर्व्यवहार का सामना किये जाने का कोई खतरा नहीं है।

- Advertisement -

भारत ने बेल्जियम को कब भेजा था प्रत्यर्पण अनुरोध?

जनवरी 2018 में एंटीगुआ और बारबुडा भाग गए चोकसी को बेल्जियम में देखा गया था। कथित तौर पर उसने यहां पर इलाज करवाया था। इसके बाद भारत ने मुंबई की विशेष अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर 27 अगस्त, 2024 को बेल्जियम को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था।

साभार : इंडिया टीवी

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

- Advertisement -

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।