मंगलवार, अगस्त 18 2026 | 05:13:33 AM
Breaking News
Home / खेल / 45 देशों के पतंगबाजों के साथ शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव

45 देशों के पतंगबाजों के साथ शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव

Follow us on:

अहमदाबाद. अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2025 आज से अहमदाबाद में शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने अहमदाबाद से आसमान में तिरंगे रंग का गुब्बारा उड़ाकर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2025 का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि हर साल देश-दुनिया के राजदूत इस पतंग महोत्सव को देखने के लिए गुजरात आते हैं। इस साल 11 देशों के राजदूत गुजरात आए हैं। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने आगे कहा कि पतंग महोत्सव में आने वाले पर्यटकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर वोकल अभियान को काफी गति मिली है। इस उत्सव के दौरान फूड स्टॉल और क्राफ्ट स्टॉल धारक लाखों रुपये कमाते हैं। इतना ही नहीं, पिछले साल अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में साढ़े पांच लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे।

अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव के कारण गुजरात में पर्यटन और गुजरात के पतंग उद्योग के विकास के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरातियों के पतंग प्रेम के कारण गुजरात को दुनिया में सबसे अधिक पतंग पैदा करने वाले राज्य के रूप में मान्यता मिली है। अहमदाबाद, नडियाद, खंभात और सूरत पतंग निर्माण के केंद्र बन गए हैं। इतना ही नहीं, आज देश के पतंग बाजार में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी गुजरात की है। उन्होंने आगे कहा कि गुजरात से हर साल अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा जैसे देशों में भी पतंगें निर्यात की जाती हैं। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य साल 2047 में भारत को एक विकासशील देश बनाना है, इस नाम को साकार करने के लिए गुजरात की विकास पतंग पर्यावरण और प्रकृति के साथ जुड़कर विकास की दुनिया में ऊंची उड़ान भरेगी।

उत्तरायण पर्व दान-धर्म और सूर्य नारायण की उपासना का पर्व

इस मौके पर उत्तरायण पर्व की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरायण पर्व दान-धर्म और सूर्य नारायण की उपासना का पर्व है। इतना ही नहीं, दान-पुण्य की परंपरा के साथ मनाया जाने वाला यह त्योहार पर्यावरण के प्रति भी संवेदनशील है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेश वासियों से अपील की है कि वे जीवन की सुरक्षा के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस त्योहार को सुरक्षित रूप से मनायें और पतंग उड़ाने में भी पूरी सावधानी बरतें। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी को उत्तरायण और मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में स्वागत भाषण देते हुए पर्यटन मंत्री मोलुभाई बेरा ने कहा, उत्तरायण सूर्य की आराधना का अवसर है। इतना ही नहीं यह त्यौहार प्रकृति और प्रगति का संदेश भी देता है। हमारा देश त्योहारों का देश है और भारत में कई त्योहार मनाये जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि गुजरात राज्य में हर साल आयोजित होने वाला यह पतंग महोत्सव न केवल सभी को विकास की दिशा में उड़ान भरने के लिए प्रेरित करता है बल्कि गरीब परिवारों के लिए आर्थिक संबल का केंद्र भी है।

गुजरात पर्यटन निगम

पर्यटन मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2025 के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस साल 11 जनवरी से 14 जनवरी तक गुजरात पर्यटन निगम द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2025 का आयोजन किया गया है। इसके अलावा 12 जनवरी, 2025 को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, राजकोट और वडोदरा में और 13 जनवरी को सूरत, शिवराजपुर, धोर्डो में भी अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2025 का आयोजन किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव में 47 देशों के 143 पतंगबाज और भारत के 11 अन्य राज्यों के 52 पतंगबाज भाग ले रहे हैं। इसके अलावा, गुजरात राज्य से 11 शहरों के 417 पतंगबाज भी भाग ले रहे हैं। जिसमें 55 देशों के 153 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजों, 12 राज्यों के 68 राष्ट्रीय पतंगबाजों, गुजरात के 23 शहरों के 865 पतंगबाजों ने हिस्सा लिया है।

इस साल 2025 अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बेलारूस, बेल्जियम, भूटान, ब्राजील, बुल्गारिया, कंबोडिया, कनाडा, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डेनमार्क, मिस्र, एस्टोनिया, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस , हंगरी, इंडोनेशिया, आयरलैंड, इटली, इज़राइल, जापान, कोरिया गणराज्य, लेबनान, लिथुआनिया, माल्टा, मैक्सिको, नीदरलैंड, फिलीपींस, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, रूसी संघ, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, स्विट्जरलैंड, तुर्की, यूक्रेन, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य, वियतनाम पतंग उड़नेवाले भाग ले रहे हैं।

साभार : न्यूज24

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

Wagener Hockey Stadium Amstelveen in Netherlands during FIH Men's Hockey World Cup 2026 match between India and England.

हॉकी विश्व कप 2026: वेल्स को 3-1 से हराने के बाद अब 17 अगस्त को इंग्लैंड की चुनौती का सामना करेगा भारत

एम्सटेलवीन । रविवार, 16 अगस्त 2026 भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व …