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शरद पवार ने एकनाथ शिंदे को गौरव अवॉर्ड से किया सम्मानित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. नई दिल्ली में महाराष्ट्र के पूर्व सीएम एकनाथ शिंदे को महादजी शिंदे राष्ट्र गौरव अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य की मौजूदगी में शरद पवार ने शिंदे को सम्मानित किया। सम्मान समारोह में गदगद एकनाथ शिंदे ने शरद पवार की जमकर तारीफ की। अवॉर्ड सेरेमनी में एकनाथ शिंदे ने शरद पवार की तारीफ करते हुए कहा कि राजनीतिक दायरे से अलग सबसे अच्छे रिश्ते कैसे रखे जाते हैं, यह पवार साहब से सीखा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि शरद पवार की ओर से उन्हें कभी गुगली का सामना नहीं करना पड़ा। शिंदे ने कहा कि पवार साहब सदाशिव शिंदे के दामाद हैं, जो एक स्पिन गेंदबाज थे। पवार जब गुगली फेंकते हैं तो उसे समझना मुश्किल होता है। उम्मीद है कि भविष्य में पवार उन पर गुगली नहीं फेंकेंगे और उन्हें ऐसी गुगली का सामना नहीं करना पड़ेगा। शिंदे द्वारा गई शरद पवार की ये तारीफ शिवसेना (उद्धव गुट) को पसंद नहीं आया। यूबीटी सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी बिके हुए हैं। ऐसे अवॉर्ड तो खरीदे और बेचे जाते हैं।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ने बोला यूबीटी पर हमला

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि शरद पवार ने कल एकनाथ शिंदे का सत्कार भी किया और उनके बारे में दो अच्छी बातें भी कहीं। पिछले 2.5 साल उन्होंने(एकनाथ शिंदे) मुख्यमंत्री के रूप में जो काम किया है वो सराहनीय है। ऐसे काम करने वालों की पीठ पर हाथ रखना बड़े नेताओं का कर्तव्य है जिस भूमिका में कल शरद पवार ने उनका सम्मान किया, लेकिन ये बात यूबीटी गुट को हजम नहीं हुई। शरद पवार के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना, मुझे लगता है कि अब यूबीटी गढ़ का अंत नजदीक है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।