लोड हो रहा है...

अरुणाचल प्रदेश के शि योमी ज़िले में 700 मेगावॉट तातो-द्वितीय जल विद्युत परियोजना निर्माण के निवेश प्रस्ताव को मिली मंजूरी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आज अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले में तातो-द्वितीय जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए 8146.21 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दी। परियोजना पूरी होने की अनुमानित अवधि 72 महीने है।

700 मेगावॉट (4 x 175 मेगावॉट) की स्थापन क्षमता वाली यह परियोजना 2738.06 मिलियन यूनिट ऊर्जा का उत्पादन करेगी। परियोजना से उत्पन्न बिजली अरुणाचल प्रदेश में विद्युत आपूर्ति में सुधार लाने और राष्ट्रीय ग्रिड (भारत के विभिन्न ऊर्जा संयंत्रों और उपकेन्द्रों को जोड़ने वाली उच्च वोल्टेज विद्युत शक्ति संचरण प्रणाली) के संतुलन में भी सहायक होगी।

परियोजना नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनईईपीसीओ) और अरुणाचल प्रदेश सरकार के बीच संयुक्त उद्यम वाली कंपनी द्वारा कार्यान्वित की जाएगी। केंद्र सरकार राज्य की हिस्सेदारी के मद में 436.13 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता के अलावा, आवश्‍यक आधारभूत ढांचे – सड़क, पुल और संबंधित पारेषण लाइनों के निर्माण के लिए बजटीय सहायता के तौर पर 458.79 करोड़ रुपये देगी।

इसमें राज्य को 12 प्रतिशत निशुल्‍क बिजली और एक प्रतिशत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एलएडीएफ) प्राप्‍त होने के अलावा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार और सामाजिक-आर्थिक विकास होगा।

- Advertisement -

आत्मनिर्भर भारत अभियान के उद्देश्यों और लक्ष्यों के अनुरूप यह परियोजना स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं/उद्यमों/सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यमों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर सहित कई प्रकार के लाभ प्रदान करेगी।

इस परियोजना के लिए लगभग 32.88 किलोमीटर सड़क और पुलों सहित बुनियादी ढांचे में व्‍यापक सुधार होगा, जिसका स्थानीय उपयोग हो सकेगा। ज़िले में 20 करोड़ रुपये की समर्पित परियोजना निधि से अस्पताल, स्कूल, बाज़ार, खेल के मैदान आदि बुनियादी ढांचे के निर्माण का भी लाभ होगा। स्थानीय आबादी कई प्रकार के मुआवज़े, रोज़गार के अवसर और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों से भी लाभान्वित होगी।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।