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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की हालत और बिगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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ढाका. बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की तबीयत गुरुवार रात अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा है। चिकित्सा बोर्ड के प्रमुख कार्डियोलॉजिस्ट शहाबुद्दीन तलुकदार के अनुसार, ‘उनको (खालिदा जिया) सांस लेने में दिक्कत बढ़ गई थी, ऑक्सीजन का स्तर गिर रहा था और शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ गया था।’

हालत में सुधार न होने पर खालिदा जिया को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया
बयान में कहा गया कि 80 वर्षीय खालिदा जिया को पहले नेजल कैनुला और BiPAP सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन हलात सुधार न होने के कारण उनके फेफड़ों और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को आराम देने के लिए खालिदा जिया को वेंटिलेटर सपोर्ट पर शिफ्ट किया गया। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की चेयरपर्सन खालिदा जिया 23 नवंबर से ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती हैं। पूर्व पीएम के व्यक्तिगत चिकित्सक और बीएनपी की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य एजेडएम जाहिद हुसैन मीडिया को समय-समय पर उनकी हालत की जानकारी देते रहे हैं, लेकिन पहली बार चिकित्सा बोर्ड ने आधिकारिक बयान जारी किया है जिसमें उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी दी गई है।

इलाज के लिए लंदन ले जाने की है योजना
गंभीर रूप से बीमार बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को चिकित्सा उपचार के लिए लंदन ले जाने की योजना है। तीन बार प्रधानमंत्री रह चुकी खालिदा की पहले एयर एंबुलेंस से शुक्रवार सुबह रवाना होने की उम्मीद थी। लेकिन बाद में बीएनपी ने कहा कि तकनीकी समस्याओं के कारण विमान की आगमन में देरी हुई। साथ ही लंबी दूरी के लिए अभी भी खालिदा जिया को अस्वस्थ बताया जा रहा है। एयर एंबुलेंस कतर के अमीर की ओर से उपलब्ध कराई गई है। डॉ. एजएम जाहिद हुसैन ने शनिवार को पत्रकारों को बताया था कि खालिदा जिया की लंदन यात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।