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मोदी सरकार ने कंबोडिया व म्यांमार सहित तीन देशों से 6700 से अधिक भारतीयों को फर्जी कंपनियों की धोखाधड़ी से सुरक्षित बचाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों कंबोडिया, म्यांमार और लाओस में फर्जी नौकरी के झांसे में फंसाए गए 6,700 से अधिक भारतीयों को बचाया जा चुका है।

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह लिखित उत्तर ने कहा कि कई फर्जी कंपनियां इंटरनेट मीडिया के जरिये भारतीय युवाओं को आकर्षक नौकरियों का लालच देती हैं और उन्हें विदेश ले जाकर साइबर क्राइम व अन्य धोखाधड़ी वाले काम करवाती हैं।

सरकार ने इस मुद्दे को कंबोडिया, म्यांमार और लाओस की सरकारों के साथ कई बार राजनयिक स्तर पर उठाया है। भारतीय दूतावास भारतीयों को सुरक्षित निकालने का काम कर रहा है।

दूतावासों के प्रयासों से अब तक कंबोडिया से 2,265, लाओस से 2,290 और म्यांमार से 2,165 भारतीयों को बचाया गया है। विदेश मंत्रालय ने विदेश में रह रहे भारतीयों के लिए सहायता पाने के कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं।

इसमें ईमेल, वाक-इन संपर्क, 24म7 इमरजेंसी नंबर, वाट्सएप, मदद पोर्टल, ई-माइग्रेट पोर्टल और इंटरनेट मीडिया चैनल शामिल हैं। सरकार का प्रयास है कि मुश्किलों में फंसा भारतीय तुरंत दूतावास से जुड़ सके और उसकी मदद की जा सके।

साभार : दैनिक जागरण

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।