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जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट को मिला अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

नई दिल्ली. अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो गया है। अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट को मिला है।  पिछले वर्ष अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार तीन अर्थशास्त्रियों डेरॉन ऐसमोग्लू, साइमन जॉनसन और जेम्स ए रॉबिन्सन को दिया गया था, जिन्होंने इस बात का अध्ययन किया था कि कुछ देश अमीर और अन्य गरीब क्यों हैं। उन्होंने इस बात को दस्तावेज स्वरूप दिया था कि अधिक स्वतंत्र, खुले समाजों के समृद्ध होने की संभावना अधिक होती है।

अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में दिया जाता है पुरस्कार

अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार को औपचारिक रूप से ‘अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में अर्थशास्त्र में बैंक ऑफ स्वीडन पुरस्कार’ के रूप में जाना जाता है। सेंट्रल बैंक ने इसे 1968 में 19वीं सदी के स्वीडिश व्यवसायी और रसायन शास्त्री अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में शुरू किया था, जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया और 5 नोबेल पुरस्कारों की स्थापना की थी। तब से ये पुरस्कार कुल 96 विजेताओं को 56 बार प्रदान किया जा चुका है।

इन नोबेल पुरस्कारों का हो चुका है ऐलान

नोबेल पुरस्कार के जानकार इस बात पर जोर देते हैं कि अर्थशास्त्र पुरस्कार तकनीकी रूप से नोबेल पुरस्कार नहीं है, लेकिन इसे हमेशा 10 दिसंबर को नोबेल की पुण्यतिथि (1896 में) पर अन्य नोबेल पुरस्कारों के साथ प्रदान किया जाता है। पिछले सप्ताह चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और शांति के क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की जा चुकी है।

साभार : इंडिया टीवी  

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।