लोड हो रहा है...

एनआईए ने दिल्ली धमाके में अमोनियम नाइट्रेट सप्लाई के आरोप में नूंह से उर्वरक दुकान मालिक को पकड़ा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. दिल्ली में हुए हालिया विस्फोट की जांच को तेज करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम नूंह (मेवात) पहुंची है. फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल को विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के आरोप में जांच एजेंसी ने पिनगवां शहर के एक खाद-बीज विक्रेता को हिरासत में लिया है. जिसकी पहचान दिनेश उर्फ डब्बू सिंगला के रूप में की गई है. इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है, जबकि खाद और उर्वरक विक्रेताओं में दहशत का माहौल है.

सूत्रों के अनुसार, सिंगला कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों से जुड़ा हुआ है. अधिक मुनाफे की लालच में उसने अब तक करीब 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट की सप्लाई की है, जो विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सामग्री है. सिंगला का मूल गांव शिकारवा है और करीब 20-30 साल से वह पिनगवां कस्बा में रह रहा है.

इस घटना के बाद परिवार दहशत में है. उन्होंने मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाई हुई है और कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं. स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी है, जबकि एनआईए की टीम द्वारा पूरी रात जिले में छापेमारी की खबर है. इसके अलावा, खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं.

जिले में संचालित एनजीओ के माध्यम से चल रही संस्थाओं की भी जांच शुरू कर दी गई है. मेवात में खाद, बीज और फर्टिलाइजर विक्रेताओं के बीच हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि एनआईए टीम सभी संदिग्ध सप्लायर्स की पड़ताल कर रही है. जांच आगे बढ़ने पर और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है.

- Advertisement -

क्या होता है अमोनियम नाइट्रेट?

अमोनियम नाइट्रेट एक केमिकल कंपाउंड है, जिसका फॉर्मूला NH₄NO₃ है. सरल भाषा में समझें तो यह एक सफेद, क्रिस्टल जैसा ठोस होता है जो पानी में बहुत घुलनशील और थोड़ा-हायग्रोस्कोपिक (हवा से नमी सोख लेता है) होता है. अमोनियम नाइट्रेट अकेले आमतौर पर स्थिर होता है, लेकिन अगर यह धातु-दूषित हो, गीला हो, दबाव में रखा जाए या तेज़ गर्मी/आगो पर हो तो गंभीर आग या विस्फोट हो सकता है. इसलिए संभालते समय सावधानी जरूरी है.

साभार : एबीपी न्यूज

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

- Advertisement -

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।