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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर फॉर्म नहीं भरा, भाजपा ने दावे को किया खारिज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कोलकाता. बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने निर्धारित समय तक एसआइआर का फार्म नहीं भरा है। उन्होंने खुद भी यह दावा किया है। मालूम हो कि मुख्यमंत्री पहले ही साफ कर दिया था कि जब तक राज्य के प्रत्येक व्यक्ति का एसआइआर का फार्म नहीं भर जाता, तब तक वे भी फार्म नहीं भरेंगी। बंगाल में फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर थीं। दूसरी तरफ, भाजपा ने ममता के इस दावे को सिरे से झुठलाया है। भाजपा के आइटी सेल के प्रमुख व बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं।

उन्होंने अंतिम दिन फार्म जमा कर दिया है। मुख्यमंत्री ने फार्म भरा है अथवा नहीं, बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय की ओर से अब तक आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल से इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि मुख्यमंत्री व मुख्य न्यायमूर्ति जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे लोग चिह्नित मतदाता (मा‌र्क्ड वोटर) होते हैं। उनके नाम पहले से मतदाता सूची में पंजीकृत होते हैं, इसलिए अगर वे फार्म नहीं भी भरते हैं तो भी उन्हें कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

हालांकि, सीईओ कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री के एसआइआर का फार्म नहीं भरने से उन्हें तकनीकी रूप से कोई समस्या नहीं होगी, लेकिन नई मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए उन्हें वे सारे दस्तावेज जमा कराने होंगे, जो चुनाव आयोग ने अन्य सभी के लिए निर्धारित किए हैं।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।