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फिलीपींस की राजधानी मनीला में भीषण आग से लगभग 500 लोग हुए बेघर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मनीला. 12 दिसंबर 2025 को शाम करीब 6:38 बजे फिलीपींस की राजधानी मनीला के मंडलुयोंग सिटी में एक घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में भीषण आग लग गई. यह आग बैरंगेय प्लेजेंट हिल्स के ब्लॉक 5, नुवेवे दे फेब्रेरो में शुरू हुई और जल्दी ही फैल गई क्योंकि घर हल्की और जल्दी जलने वाली सामग्री से बने थे.

आग की लपटें बहुत ऊंची उठीं और काला धुआं दूर तक दिखाई दिया जिससे शाम का आसमान नारंगी हो गया. आग का अलार्म तेजी से बढ़ता गया और शाम 7:19 बजे तक यह बड़े स्तर पर फैल चुकी थी.

20 से ज्यादा दमकल गाड़ियों ने आग बुझाई

दमकल विभाग ने 20 से ज्यादा फायर ट्रक और आसपास के इलाकों से टीमों को लगाया. आग पर आधी रात तक काबू पा लिया गया लेकिन नुकसान का आकलन अभी जारी है. इस आग से करीब 500 परिवार बेघर हो गए और उनके घर पूरी तरह जलकर राख हो गए. अच्छी बात यह है कि इस हादसे में अभी तक किसी के घायल होने या मरने की कोई खबर नहीं आई.

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गरीब बस्तियों में आग मुसीबत बनी

मेट्रो मनीला के गरीब बस्तियों में ऐसी आग बार-बार लगती है क्योंकि वहां घर बहुत करीब-करीब बने होते हैं. बिजली की वायरिंग खराब होती है और गलियां संकरी होती हैं जिससे दमकल गाड़ियां मुश्किल से पहुंच पाती हैं. यह घटना शहर की आग सुरक्षा की समस्याओं को फिर से उजागर करती है.

मनीला के इलाके में आगजनी नई बात नहीं

  • इससे पहले 6 अगस्त 2025 को टोंडो के हैप्पीलैंड अरोमा इलाके में बड़ी आग लगी जिसमें सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए.
  • सितंबर 2025 में टोंडो में दो अलग-अलग आग लगीं एक 13 सितंबर को हैप्पीलैंड में जिसने करीब 1100 परिवारों को प्रभावित किया और अगले दिन दूसरी आग लगी.
  • नवंबर 2024 में टोंडो के इस्ला पुटिंग बाटो इलाके में बहुत बड़ी आग लगी जिसमें करीब 1000 घर जल गए और 8000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए. यह आग आठ घंटे तक जलती रही और हेलिकॉप्टर से पानी डाला गया.
  • मार्च 2024 में टोंडो के हैप्पीलैंड में आग लगी जिसमें दमकल कर्मियों पर हमला भी हुआ.
  • दिसंबर 2023 में भी हैप्पीलैंड में आग से 1500 से ज्यादा लोग बेघर हुए थे.
  • 2017 में एक स्लम एरिया में आग से 15000 लोग बेघर हो गए थे.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।