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सुरक्षाबलों ने उरी सेक्टर में एलओसी पर आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को किया नाकाम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. उत्तरी कश्मीर के उरी सेक्टर में LoC के पास बुधवार सुबह सुरक्षाबलों ने आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया। ऑपरेशन के दौरान एक जवान शहीद हुआ है। ​​​​​​सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया है। पिछले 13 दिनों में आतंकियों से सेना की यह तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले 10 अगस्त को किश्तवाड़ के दुल इलाके में सेना को आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान आतंकियों ने सेना पर फायरिंग की थी। यहां भी सर्चिंग जारी है।

1 अगस्त से कुलगाम के अखल जंगलों में आतंकियों की तलाश में सर्चिंग चल रही है। यहां 2 जवान शहीद हुए हैं, 9 जवान घायल हैं। दो आतंकी भी मारे जा चुके हैं। सुरक्षाबलों ने 2 अगस्त की सुबह पुलवामा के आतंकी हारिस नजीर डार को मार गिराया था। वो C-कैटेगरी का आतंकी था। हारिस उन 14 लोकल आतंकियों की लिस्ट में था, जिनके नाम खुफिया एजेंसियों ने पहलगाम हमले के बाद 26 अप्रैल को जारी किए थे।

1 अगस्त: सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने फायरिंग की

एक अधिकारी ने बताया था कि इलाके में आतंकी गतिविधि की गुप्त सूचना मिलने के बाद 1 अगस्त की शाम सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की थी। इसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई थी। जंगल में कुल कितने आतंकी छिपे हैं, यह अभी साफ नहीं है। 28 जुलाई को सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन महादेव के तहत, लिडवास के जंगलों में पहलगाम हमले में शामिल 3 आतंकियों को मारा था। 31 जुलाई को पुंछ में LoC के पास दो और आतंकी घुसपैठ के दौरान मारे गए थे।

14 लोकल आतंकियों में 7 मारे गए, अब 7 की तलाश

सुरक्षाबलों ने जिन 14 आतंकियों की लिस्ट जारी की थी, उनमें से अब तक 7 मारे जा चुके हैं। हारिस नजीर को छोड़कर, बाकी के 6 आतंकी मई में शोपियां और पुलवामा में एनकाउंटर के दौरान मारे गए थे। शोपियां में 13 मई को ढेर किए गए आतंकियों के नाम शाहिद कुट्टे, अदनान शाफी, अहसान उल हक शेख थे। 15 मई को पुलवामा एनकाउंटर में आमिर नजीर वानी, यावर अहमद भट और आसिफ अहमद शेख मारा गया था।

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28 जुलाई को पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत 3 आतंकियों को मारा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन महादेव के अगले दिन, 29 जुलाई को पहलगाम हमले के आतंकियों के मारे जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई को इन्हें मार गिराया गया। इनके नाम सुलेमान, अफगान और जिब्रान हैं। ये तीनों आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे। शाह ने बताया, ‘पाकिस्तानी वोटर ID और पाकिस्तानी चॉकलेट्स से पहलगाम के आतंकियों की पहचान की। हमले के दिन प्लानिंग की, 3 महीने ट्रैक किया फिर घेरकर मारा। हमारे पास इसके सबूत भी हैं।’ उन्होंने बताया कि आतंकियों की मदद करने वाले 2 आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।