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रूस ने मिसाइलों से यूक्रेन की राजधानी कीव को बनाया निशाना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कीव. रूस और यूक्रेन युद्ध को तीन साल से ज्‍यादा वक्‍त हो चुका है, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों ओर से एक दूसरे पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. रूस ने शुक्रवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव को एक बार फिर निशाना बनाया और बड़े हमले किए हैं. इसके कारण कीव में कई धमाके सुने गए हैं. इन धमाकों में दो लोगों के घायल होने की खबर है.

कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि रूसी सेना ने शुक्रवार तड़के कीव पर “बड़े” हमले किए हैं. एयर डिफेंस सक्रिय हैं और राजधानी में कई विस्फोट हुए हैं.

विटाली क्लिट्स्को ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया, “कीव में डिफेंस फोर्सेज सक्रिय हैं. राजधानी पर दुश्मन का बड़ा हमला हुआ है.” उन्होंने पूर्वी द्निप्रोव्स्की जिले में दो लोगों के घायल होने की सूचना दी.

पांच मंजिला इमारत ध्‍वस्‍त

क्लिट्स्को ने बताया कि रूसी हमले के कारण नीप्रो नदी के पूर्वी किनारे पर स्थित नीप्रोव्स्की जिले में एक पांच मंजिला अपार्टमेंट ध्‍वस्‍त हो गया और दूसरी तरफ स्थित पोडिल जिले में एक ऊंची इमारत में आग लग गई. वहीं पोडिल्स्की जिले में एक आवासीय इमारत में भी आग लग गई.

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उन्होंने शहर के कई इलाकों में आपातकालीन दल भेजने का आह्वान किया.

रूसी मिसाइलों ने कई इलाकों को बनाया निशाना

यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि रूसी मिसाइलें कीव और कई अन्य क्षेत्रों को निशाना बना रही हैं.

रूस ने 2022 में यूक्रेन पर हमला शुरू किया था. हालिया दौर में रूस ने यूक्रेन के खिलाफ अपने हमलों को तेज कर दिया है. विशेष रूप से यूक्रेन की ऊर्जा सुविधाओं और रेल प्रणालियों के साथ-साथ आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है.

साभार : एनडीटीवी

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।