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भारतीय नौसेना इंडोनेशिया की नौसेना के साथ सैन्य अभ्यास ‘समुद्र शक्ति’- 2025 के पांचवें संस्करण की मेजबानी करेगी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

भारतीय नौसेना 14 से 17 अक्टूबर 2025 तक विशाखापत्तनम में भारत-इंडोनेशिया संयुक्त द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास, ‘समुद्र शक्ति- 2025′ के पांचवें संस्करण की मेजबानी कर रही है। इस अभ्यास में भाग लेने वाली इकाइयों में आईएनएस कवरत्ती, पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) के तत्वावधान में पूर्वी बेड़े का एक पनडुब्बी रोधी युद्धक कोर्वेट और इंडोनेशिया की नौसेना का पोत केआरआई जॉन लाइ, एक कोर्वेट (एक अभिन्न हेलीकॉप्टर के साथ) शामिल है। विशाखापत्तनम पहुंचने पर ईएनसी द्वारा इनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

बंदरगाह चरण में सौहार्द और पेशेवर तालमेल बनाने के उद्देश्य से जुड़ी कई गतिविधियों में क्रॉस डेक दौरे, संयुक्त योग सत्र, मैत्रीपूर्ण खेल आयोजन और पेशेवर विषय-वस्तु विशेषज्ञों का आदान-प्रदान (एसएमईई) शामिल हैं। समुद्री चरण में सामरिक समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से गतिशील और जटिल समुद्री अभियान शामिल होंगे, जिनमें हेलीकॉप्टर संचालन, वायु रक्षा अभ्यास, हथियार फायरिंग अभ्यास, दौरा, बोर्ड, खोज और जब्ती (वीबीएसएस) अभ्यास शामिल हैं।

अभ्यास ‘समुद्र शक्ति’ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय अभ्यास है जिसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना, आपसी समझ को मज़बूत करना और सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करना है। यह अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।