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कोलकाता टेस्ट में भारत के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी भी लड़खड़ाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहला टेस्ट मैच कोलकाता में खेला जा रहा है. दूसरे दिन का खेल खत्म हो गया है. साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में 7 विकेट पर 93 रन बना लिए हैं. क्रीज पर कॉर्बिन बॉश और तेंबा बावुमा नाबाद हैं. तेंबा बावुमा ने 29 रन पर नाबाद हैं तो वहीं बॉश एक रन बनाकर नाबाद हैं भारत की ओर से रविंद्र जडेजा ने 4 विकेट लिए तो वहीं, कुलदीप के खाते में दो विकेट आए हैं. एक विकेट अक्षर पटेल को मिला है. बता दें कि भारत पहली पारी में 189/9 रन ही बना सकी थी. भारत ने पहली पारी के आधार पर साउथ अफ्रीका पर 30 रन की लीड हासिल की थी.

शुममन गिल हुए रिटायर-हर्ट

दूसरी ओर भारत की पारी के दौरान शुभमन गिल  गर्दन में ऐंठन के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए थे, ऐसे में कप्तान बल्लेबाजी करने पहली पारी में नहीं आ सके. भारत की ओर से पहली पारी में सबसे ज्यादा रन केएल राहुल ने बनाए. राहुल ने 39 रन की पारी खेली, वहीं, पंत ने 27 और जडेजा ने 27 रन बनाए. साउथ अफ्रीका की ओर से साइमन हार्मर ने 4 विकेट और मार्को जानसेन ने तीन विकेट लिए. इसके अलावा केशव महाराज और कॉर्बिन बॉश को एक-एक विकेट मिला.  इससे पहले साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 159 रन का स्कोर बनाया था.

पंत ने तोड़ा सहवाग का रिकॉर्ड

पंत ने एक बडा़ कमाल भी कर दिया है. ऋषभ पंत टेस्ट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा छक्का लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. ऐसा कर पंत ने सहवाग के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. सहवाग ने टेस्ट में 90 छक्के लगाए थे. वहीं, अब पंत के नाम 91 छक्के लगाने का कमाल दर्ज हो गया है.

प्लेइंग इलेवन

भारत: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, वाशिंगटन सुंदर, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रविंद्र जड़ेजा, ध्रुव जुरेल, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज

साउथ अफ्रीका: एडेन मार्करम, रयान रिकेल्टन, वियान मुल्डर, तेंबा बावुमा (कप्तान), टोनी डी जॉर्जी, ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेरिन (विकेटकीपर), साइमन हार्मर, मार्को जानसन, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।