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भारत ने हॉन्ग कॉन्ग को हराकर पहली बार स्क्वॉश वर्ल्ड कप का खिताब जीता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारत ने रविवार (14 दिसंबर) को चेन्नई में चमत्कारिक प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया. उसने पहली बार स्क्वैश वर्ल्ड कप को जीत लिया. जोशना चिनप्पा, अभय सिंह और अनाहत सिंह ने मिलकर वह कर दिखाया, जिसका इंतजार लाखों फैंस कर रहे थे. भारत ने हांगकांग पर 3-0 की शानदार जीत के साथ अपना पहला स्क्वैश वर्ल्ड कप खिताब जीता.

भारत ने ब्रॉन्ज को गोल्ड में बदला

भारत ने टूर्नामेंट में सबसे अच्छा प्रदर्शन कर दिखाया. उसने 2023 में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के अपने पिछले बेस्ट रिजल्ट को पीछे छोड़ दिया. उसने ब्रॉन्ज को इस बार गोल्ड में बदल दिया. इस बीच हांगकांग  ने भी इस इवेंट में अपना बेस्ट दिया. उसने दो साल पहले अपने ब्रॉन्ज मेडल जीतने के रिकॉर्ड को बेहतर बनाया.

जोशना चिनप्पा ने शानदार शुरुआत दी

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अनुभवी खिलाड़ी जोशना चिनप्पा ने पहले मैच में दमदार और शांत प्रदर्शन करके भारत की ऐतिहासिक जीत की नींव रखी. दुनिया में 79वें नंबर पर मौजूद जोशना ने शुरुआती चुनौतियों का सामना करते हुए का यी ली को 23 मिनट तक चले मुकाबले में 7-3, 2-7, 7-5, 7-1 से हराया. वह उनसे 42 रैंक ऊपर थीं.

अभय और अनाहत ने किया कमाल

जोशना की शुरुआती जीत से उत्साहित अभय सिंह दूसरे मैच में सेंटर स्टेज पर आ गए. बड़े मौकों पर अच्छा प्रदर्शन करने की अपनी काबिलियत के लिए जाने जाने वाले 27 साल के अभय तेज और आत्मविश्वासी दिखे. उन्होंने जबरदस्त खेल दिखाते हुए मौजूदा एशियन चैंपियन एलेक्स लाउ को सीधे गेम में हराकर भारत की बढ़त बढ़ा दी. इसके बाद अनाहत सिंह ने सिर्फ 16 मिनट में एशियन चैंपियन टोमैटो हो को हरा दिया. इस तरह भारत ने टूर्नामेंट का फाइनल जीत लिया.

स्क्वैश वर्ल्ड कप फाइनल: भारत ने हांगकांग को 3-0 से हराया.

जोशना चिनप्पा ने का यी ली को 7-3, 2-7, 7-5, 7-1 से हराया.
अभय सिंह ने एलेक्स लाउ को 7-1, 7-4, 7-4 से हराया.
अनाहत सिंह ने टोमैटो हो को 7-2, 7-2, 7-5 से हराया.

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।