लोड हो रहा है...

चुनाव आयोग ने एसआईआर के अंतर्गत जारी की पश्चिम बंगाल के लिए वोटर लिस्ट का मसौदा, कटे 58 लाख नाम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कोलकाता. निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर 2026 (Special Intensive Revision) के तहत तैयार की गई मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए मतदाताओं की सूची प्रकाशित कर दी है. आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई मतदाता सूची को सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए की गई है.  सूत्रों के मुताबिक, हटाए गए नामों में वे लोग शामिल हैं जो या तो स्थानांतरित हो गए हैं, मृत घोषित किए गए हैं या जिनकी पात्रता की पुष्टि नहीं हो सकी. आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है.

जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 58,20,898 नाम मसौदा सूची से हटाए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा 24,16,852 लोग मृत पाए गए, जबकि 19,88,076 लोग स्थानांतरित हो चुके थे. इसके अलावा 12,20,038 लोग लापता, 1,38,328 नाम डुप्लीकेट और 57,604 अन्य श्रेणी में पाए गए.  चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है.

पश्चिम बंगाल एसआईआर ड्राफ्ट सूची से हटाए गए नाम

  • 24,16,852 लोग मृत पाए गए.
  • 19,88,076 लोग स्थानांतरित हो गए.
  • 12,20,038 लोग लापता पाए गए.
  • 1,38,328 नाम डुप्लीकेट थे.
  • 57,604 अन्य कारणों से नाम हटाए गए.
  • 58,20,898 लोगों के कुल नाम हटाए गए हैं.

चुनाव आयोग ने आपत्ति दर्ज करवाने के लिए दिया समय

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है. आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी स्थिति की जांच करें और यदि किसी का नाम गलती से हटाया गया है तो निर्धारित समय सीमा के भीतर आपत्ति दर्ज कराएं.  इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं.

साभार : एनडीटीवी

- Advertisement -

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।