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कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. उत्तरी कश्मीर में जिला कुपवाड़ा के अंतर्गत नियंत्रण रेखा के साथ सटे खुरमोरा राजवार इलाके में सुरक्षा बलों ने आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर एक तलाशी अभियान चलाया था। इस अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक संक्षिप्त मुठभेड़ भी हुई। मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया और कुछ आतंकी घेराबंदी तोड़कर भागने में कामयाब रहे। भाग निकले आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों का अभियान जारी है। मुठभेड़ में एक सुरक्षा कर्मी के घायल होने की सूचना है अन्य विवरण की प्रतीक्षा है।

मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर

अधिकारियों ने यहां बताया कि सुरक्षाबलों ने इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद जचलदारा के क्रुम्हूरा गांव में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। आतंकवादियों द्वारा सुरक्षाबलों पर गोलीबारी करने के बाद तलाशी अभियान मुठभेड़ में बदल गया। सुबह से जारी मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया है उसके पास से एक एसाल्ट राइफल भी मिली है।

इस जगह बरामद हुए थे खतरनाक हथियार

बीते दिनों गंडबल- हाजिन रोड पर विशेष खुफिया इनपुट के आधार पर एक संयुक्त अभियान में दो संदिग्धों को पकड़ा गया है। इस संयुक्त अभियान में सुरक्षाबलों ने आतंकियों के सहयोगियों के कब्जे से एक पिस्तौल, एक पिस्तौल मैगजीन, दो हथगोले, एक एके राइफल मैगजीन और कुछ गोला-बारूद बरामद किया गया।

LoC पर घायल हो गया था सेना का जवान

वहीं, बीते बुधवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी की घटना में सेना का एक जवान घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि जवान नौशेरा सेक्टर के कलसियां ​​इलाके में एक अग्रिम चौकी पर तैनात था। घायल जवान को प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर विशेष उपचार के लिए उसे उधमपुर के सैन्य अस्पताल ले जाया गया। सीमा पार से चली गोली से जवान चपेट में आ गया।

सांबा में घुसपैठ की हुई थी कोशिश

कुछ दिनों पहले सांबा में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ के जवानों ने घुसपैठ के एक प्रयास को विफल कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार बीती रात करीब एक बजे सीमा सुरक्षा बल क़े जवानों को सांबा सेक्टर की खोरा पोस्ट पर कुछ संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी जिसके जवानों ने कुछ राउंड फायर किए।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।