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औरंगजेब विवाद के बाद नागपुर में दो गुटों की हिंसक झड़प के कारण कई पुलिसकर्मी जख्मी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

मुंबई. महाराष्ट्र के नागपुर जिले के महाल इलाके में सोमवार शाम को दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई. विवाद औरंगजेब की कब्र को लेकर शुरू हुआ, जो जल्द ही पत्थरबाजी और आगजनी में बदल गया. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आंसू गैस के गोले दागे. हिंसा में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. पुलिस प्रशासन ने भारी संख्या में बल तैनात कर दिया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. फिलहाल स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है. पुलिस के मुताबिक, झड़प की वजह एक गलतफहमी थी. डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) अर्चित चंदक ने बताया, ‘अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. इलाके में पुलिस बल तैनात है, लोग घरों से बाहर न निकलें और अफवाहों पर ध्यान न दें.’

दो जेसीबी और कई अन्य वाहन आग की चपेट में

वहीं, इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें DCP चंदक के पैर में भी चोट लगी. उन्होंने बताया कि दमकल विभाग को बुलाकर आग पर काबू पाया गया. फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने पुष्टि की कि दो जेसीबी और कई अन्य वाहन आग की चपेट में आ गए. एक दमकलकर्मी भी इस दौरान घायल हुआ.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने बयान जारी कर कहा कि पुलिस हालात को संभाल रही है और जनता से शांति बनाए रखने की अपील की गई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुरवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन का पूरा सहयोग करने की अपील की है.

अफवाहों पर यकीन न करें: नितिन गडकरी

वहीं, केंद्रीय मंत्री और नागपुर से सांसद नितिन गडकरी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा, ‘कुछ अफवाहों के कारण नागपुर में धार्मिक तनाव की स्थिति पैदा हुई है. नागपुर शहर का इतिहास ऐसे मामलों में शांति बनाए रखने का रहा है. मैं अपने सभी भाइयों से आग्रह करता हूं कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर यकीन न करें और शांति बनाए रखें. सड़कों पर न निकलें. कानून व्यवस्था में सहयोग करें. शांति और सद्भाव की परंपरा को बनाए रखें जिसके लिए नागपुर जाना जाता है. मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि सरकार उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन्होंने गलती की है या अवैध गतिविधियों में लिप्त हैं. मुख्यमंत्री को पहले ही इस स्थिति के बारे में सूचित किया जा चुका है, इसलिए मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि अफवाहों पर ध्यान न दें. कृपया पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, प्रेम बढ़ाएं और शहर में सकारात्मक माहौल बनाए रखें। यह मेरा आप सभी से विनम्र अनुरोध है.’

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।