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डोनाल्ड ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात से पहले रूस के यूक्रेन पर हमले से छाया अंधेरा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कीव. रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। जंग के बीच रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा संयंत्रों पर सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलों से हमला किया है। अधिकारियों ने रूस क ओर से किए गए घातक हमलों के बारे में जानकारी दी है। रूस ने यह हमला ऐसे समय पर किया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच बड़ी मुलाकात होने वाली है।

ट्रंप-जेलेंस्की की अहम वार्ता

माना जा रहा है कि वार्ता के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से और अधिक अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली की मांग करेंगे। खास बात यह है कि इस दौरान यूक्रेन अमेरिका से एवं लंबी दूरी की टॉमहॉक मिसाइल मांग सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही इस बात के संकेत दे चुके हैं। इतना ह नहीं जेलेंस्की मॉस्को पर कड़े अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंध भी चाहते हैं।

कई क्षेत्रों में कटी बिजली

यूक्रेन की राष्ट्रीय ऊर्जा संचालक कंपनी, यूक्रेनेर्गो ने बताया कि ड्रोन एवं मिसाइल हमलों के बाद 8 यूक्रेनी क्षेत्रों में बिजली काटनी पड़ी। देश की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी, डीटीईके ने राजधानी कीव में बिजली गुल होने की सूचना दी और कहा कि हमलों के कारण उसे मध्य पोल्टावा क्षेत्र में प्राकृतिक गैस निष्कर्षण रोकना पड़ा।

क्या बोले जेलेंस्की?

रूस के हमलों को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने रातभर में यूक्रेन पर 300 से ज्यादा ड्रोन और 37 मिसाइलें दागीं। उन्होंने रूस पर क्लस्टर हथियारों का इस्तेमाल करने और ग्रिड की मरम्मत में लगे आपातकालीन कर्मचारियों एवं इंजीनियरों को निशाना बनाने के लिए एक ही लक्ष्य पर बार-बार हमले करने का आरोप लगाया। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर कहा, ‘इस मौसम में, रूस हर दिन हमारे ऊर्जा ढांचे पर हमला कर रहे हैं।’

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साभार : इंडिया टीवी  

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।