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इंटरपोल ने 20 देशों में अभियान चलाकर आतंकवाद से जुड़े 57 लोगों सहित 328 संदिग्धों को पकड़ा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली. दुनिया भर में आतंकवाद और संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए इंटरपोल ने यूरोप, मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ्रीका के 20 देशों में एक बड़े स्तर पर ऑपरेशन ‘नेप्च्यून VII’ चलाया. जुलाई से सितंबर 2025 के बीच हुए इस ऑपरेशन में 70 से ज़्यादा जगहों पर एयरपोर्ट, बंदरगाह और बॉर्डर पर जांच की गई. इस दौरान 328 लोगों की पहचान की गई जिन पर INTERPOL Notices और Diffusions जारी थे, इनमें से 57 लोगों के आतंकवाद से संबंध होने का शक है.

इंटरपोल के डेटाबेस से 3 करोड़ जांचें

इस साल जांचों की संख्या में भारी इज़ाफा हुआ है .2024 में 1.6 करोड़ के मुकाबले अब 3 करोड़ जांचें हुईं. कुल 153 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो पिछले साल की तुलना में दोगुना से भी ज़्यादा है.

बेयरूत ब्लास्ट वाला कारोबारी भी गिरफ्त में

सबसे बड़ी गिरफ्तारी रही इगोर ग्रेचुशकिन की ,वही जहाज मालिक जिसका कार्गो 2020 के बेयरूत विस्फोट की वजह बना था, जिसमें 218 लोगों की मौत और 6,000 से ज़्यादा घायल हुए थे. उसे बुल्गारिया के सोफिया एयरपोर्ट से पकड़ा गया. उसके खिलाफ लेबनान की रेड नोटिस थी और उस पर आतंकवादी गतिविधियों सहित कई गंभीर आरोप हैं. अब उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है.

आतंकवाद और ड्रग्स मामलों में 23 और गिरफ्तारियां

ऑपरेशन के दौरान 23 और लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनके खिलाफ इंटरपोल की रेड नोटिस या रेड डिफ्यूजन जारी थी. स्पेन के अल्जेसीरास पोर्ट पर दो संदिग्धों को पकड़ा गया . एक आतंकवाद और दूसरा ड्रग्स तस्करी के मामले में वांछित था.

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विदेशी आतंकी लड़ाकों की निगरानी

ऑपरेशन ‘नेप्च्यून VII’ का एक अहम मकसद था सीमाओं पर विदेशी आतंकी लड़ाकों  की पहचान और ट्रैकिंग. इसके तहत इंटरपोल ने 10 ब्लू नोटिस जारी कीं , ये ऐसे नोटिस होते हैं जो किसी व्यक्ति की पहचान, लोकेशन या गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए सदस्य देशों के बीच साझा किए जाते हैं. इन जांचों के दौरान 60 से ज़्यादा संदिग्ध आतंकी लड़ाकों की गतिविधियों की जानकारी मिली. कई ऐसे नाम भी सामने आए जो पहले इंटरपोल के रिकॉर्ड में नहीं थे.

बड़ी बरामदगी: नकदी, ड्रग्स और लग्जरी कारें

  • ऑपरेशन में सुरक्षा एजेंसियों को भारी बरामदगी भी हुई.
  • 220 किलो मारिजुआना,
  • 20 किलो चांदी,
  • 1.3 लाख अमेरिकी डॉलर नकद,
  • और कई चोरी की लग्जरी गाड़ियां पकड़ी गईं.

इंटरपोल के डेटाबेस में 130 चोरी या गुम हुए ट्रैवल डॉक्युमेंट्स का भी “हिट” मिला  इनमें कई आतंकी संगठनों से जुड़ी खाली पासपोर्ट बुकलेट्स थीं.

इंटरपोल के महासचिव का बयान

इंटरपोल के महासचिव वाल्डेसी उरकीज़ा ने कहा आतंकी संगठन डर फैलाने और पूरे क्षेत्रों की सुरक्षा को खतरे में डालने की कोशिश करते हैं. वे अकसर संगठित अपराध से पैसा कमाते हैं. लेकिन यह ऑपरेशन दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इन खतरों से निपटा जा सकता है. हम वैश्विक सुरक्षा की रक्षा के लिए अपने सदस्य देशों को जानकारी, तकनीक और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

इन देशों ने लिया हिस्सा

इस ऑपरेशन में 20 देशों ने हिस्सा लिया. जिसमें अल्बानिया, अल्जीरिया, बोस्निया और हर्जेगोविना, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस, फ्रांस, ग्रीस, इराक, इटली, जॉर्डन, लेबनान, लीबिया, माल्टा, मोंटेनेग्रो, मोरक्को, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, स्पेन और ट्यूनीशिया. इस ऑपरेशन को ग्लोबल अफेयर्स कनाडा, नीदरलैंड और फ्रंटेक्स का सहयोग मिला.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।