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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में तीन मेट्रो स्टेशनों का नाम बदलने की घोषणा की

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि स्थानीय अस्मिता को दर्शाने के लिए पीतमपुरा में तीन मेट्रो स्टेशनों का नाम बदला जाएगा। उन्होंने यहां हैदरपुर गांव में श्रेष्ठ भारत संपर्क यात्रा में भाग लेते हुए यह घोषणा की। यह यात्रा रेजांग ला युद्ध के शहीदों के सम्मान में निकाली गई थी।

कुल 114 सैनिक शहीद हुए थे शहीद

भारतीय सेना ने 1962 की सर्दी में समुद्र तल से 16,000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर चीनी सेना के खिलाफ यह युद्ध लड़ा था। उस युद्ध में 13 कुमाऊं रेजिमेंट के कुल 114 सैनिक शहीद हुए थे।

विकासशील के रूप में उभर रहा हैदरपुर गांव

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हैदरपुर गांव विकासशील दिल्ली के प्रतीक के रूप में उभर रहा है, जहां परंपराओं का सम्मान किया जाता है और आधुनिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन का नामबदला हुआ मेट्रो स्टेशन का नाम
उत्तरी पीतमपुरा मेट्रो स्टेशनउत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार मेट्रो स्टेशन
 

पीतमपुरा उत्तर मेट्रो स्टेशन

हैदरपुर गांव मेट्रो स्टेशन
पीतमपुरा मेट्रो स्टेशनमधुबन चौक मेट्रो स्टेशन

उत्तरी पीतमपुरा स्टेशन का नाम बदला

सीएम गुप्ता ने कहा, ‘यात्रियों की सुविधा और स्थानीय अस्मिता को दर्शाने के लिए, क्यूयू ब्लॉक में प्रस्तावित उत्तरी पीतमपुरा स्टेशन का नाम अब उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार मेट्रो स्टेशन रखा जाएगा।’

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पीतमपुरा उत्तर और पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन का भी नाम बदला

इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘प्रस्तावित पीतमपुरा उत्तर मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर हैदरपुर गांव मेट्रो स्टेशन और वर्तमान पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन कर दिया जाएगा।’

उन्होंने कहा, ‘मैक्स हॉस्पिटल रोड को चौड़ा करने और एक अंडरपास का निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है, जिससे निवासियों को बेहतर, सुगम व सुरक्षित परिवहन सुविधाएं मिलेंगी।’

साभार : इंडिया टीवी

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।