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आईडीएफसी फर्स्ट प्राइवेट बैंकिंग और हुरुन इंडिया ने जारी किया ‘टॉप 200 सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स ऑफ द मिलेनिया 2025’ का तीसरा संस्करण

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दिल्ली, दिसंबर, 2025: आईडीएफसी फर्स्ट प्राइवेट बैंकिंग (IDFC FIRST Private Banking) और हुरुन इंडिया (Hurun India) ने ‘आईडीएफसी फर्स्ट प्राइवेट एंड हुरुन इंडिया टॉप 200 सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स ऑफ द मिलेनिया 2025’ का तीसरा संस्करण लॉन्च किया। इसमें उन 200 सबसे ज्यादा मूल्य वाली कंपनियों को शामिल किया गया है, जिनकी स्थापना वर्ष 2000 के बाद हुई है। कंपनियों की रैंकिंग उनके मूल्य के आधार पर की गई है, जिसमें सूचीबद्ध कंपनियों के लिए मार्केट कैपिटलाइज़ेशन और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के लिए वैल्यूएशन को आधार माना गया है। इस सूची के लिए 25 सितंबर, 2025 तक के आँकड़ें लिए गए हैं। इसमें सिर्फ वही कंपनियाँ शामिल हैं, जिनके मुख्यालय भारत में हैं, जबकि सरकारी कंपनियाँ और विदेशी कंपनियों की भारतीय इकाइयों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

इस सूची में शामिल सभी कंपनियों का कुल मूल्य करीब 42 लाख करोड़ रुपए है और इसमें देश के 51 शहरों के आंत्रप्रेन्योर्स सम्मिलित हैं। सूची की शुरुआत के बाद पहली बार ईटरनल के संस्थापक दीपिंदर गोयल (42) ने डीमार्ट के आर के दमानी (70) को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है। शहरों की बात करें, तो बेंगलुरु सबसे आगे रहा, जहाँ से 88 आंत्रप्रेन्योर्स सूची में शामिल हैं। इसके बाद मुंबई से 83 और नई दिल्ली से 52 आंत्रप्रेन्योर्स शामिल हैं, जो मिलकर सूची का आधा से ज्यादा हिस्सा बनाते हैं। सेक्टर के हिसाब से फाइनेंशियल सर्विसेस सबसे आगे रही, जिसमें 47 कंपनियाँ शामिल हैं। इसके बाद सॉफ्टवेयर और सर्विसेस से 28, हेल्थकेयर से 27 और रिटेल से 20 कंपनियाँ इस सूची का हिस्सा हैं। खास बात यह है कि 200 में से 189 कंपनियों को बाहरी निवेशकों का सहयोग मिला है, जबकि शेष कंपनियाँ अपने दम पर आगे बढ़ीं।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हेड- वेल्थ मैनेजमेंट और प्राइवेट बैंकिंग, श्री विकास शर्मा ने कहा, “आंत्रप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में भारत ने दुनियाभर के प्रमुख देशों में से एक के रूप में पहचान बनाई है। ‘आईडीएफसी फर्स्ट प्राइवेट एंड हुरुन इंडिया टॉप 200 सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स ऑफ द मिलेनिया 2025’ का तीसरा संस्करण भारत की स्टार्टअप और आंत्रप्रेन्योरशिप यात्रा को मनाने का एक और मौका है। यह रिपोर्ट उन खास आंत्रप्रेन्योर्स की कहानी बताती है, जो देश की आर्थिक दिशा को बदल रहे हैं। उनकी मेहनत, नवाचार और उत्कृष्टता लाने की लगातार कोशिशें वही मूल्य दिखाती हैं, जो हमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सोच और मूल्यों से जोड़ती हैं। इस रिपोर्ट के जरिए हम इन अग्रणी उद्यमियों को सम्मान देते हैं और उनके काम को आगे बढ़ाने में सहयोग करने का आश्वासन देते हैं।”

हुरुन इंडिया के फाउंडर और चीफ रिसर्चर, अनस रहमान जुनैद ने कहा, “आईडीएफसी फर्स्ट प्राइवेट एंड हुरुन इंडिया टॉप 200 सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स ऑफ द मिलेनिया 2025 यह दर्शाता है कि विगत 25 वर्षों में इन सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स का भारत की आर्थिक तरक्की में कितना बड़ा योगदान है। इन कंपनियों का कुल व्यापार मूल्य 469 अरब डॉलर के बराबर है, जो भारत की 300 सबसे मूल्यवान फैमिली कंपनियों के मूल्य का एक चौथाई हिस्सा है। उन पाँच कंपनियों का कुल मूल्य अब 78,000 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है, जिनकी स्थापना वर्ष 2020 के बाद शुरू हुई। ये आंत्रप्रेन्योर्स देश में विकास को बढ़ावा दे रहे हैं और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। वहीं, कर्मचारियों के लाभ इस साल 54,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 57,200 करोड़ रुपए हो गए हैं, जो उनके द्वारा कर्मचारियों में किए गए निवेश को दर्शाता है।”

कार्यप्रणाली

‘आईडीएफसी फर्स्ट प्राइवेट एंड हुरुन इंडिया टॉप 200 सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स ऑफ द मिलेनिया 2025’ सूची उन 200 सबसे मूल्यवान कंपनियों को मान्यता देती है, जिनकी स्थापना भारत में वर्ष 2000 या उसके बाद हुई है। यह सूची भारत के उन सेल्फ-मेड आंत्रप्रेन्योर्स की खास उपलब्धियों पर ध्यान देती है, जिन्होंने इस समयावधि में सबसे मूल्यवान कंपनियों को बनाया और विकसित किया। इस सूची में रैंकिंग कंपनी के मूल्य के आधार पर होती है, न कि संस्थापकों की व्यक्तिगत संपत्ति के आधार पर।

सूचीबद्ध कंपनियों के लिए, मार्केट कैप उनकी तय तारीख के अनुसार की गई कीमत पर आधारित है। जिन कंपनियों की सूची में नाम नहीं है, उनके लिए हुरुन रिसर्च ने उन्हें समान सूचीबद्ध कंपनियों से तुलना करके मूल्य तय किया। इसमें इंडस्ट्री के आम मापदंड, जैसे- प्राइस टू अर्निंग, प्राइस टू सेल्स, ईवी टू सेल्स और ईवी टू एबिट्डा का इस्तेमाल किया गया। वित्तीय जानकारी हालिया वार्षिक रिपोर्ट या ऑडिट किए हुए स्टेटमेंट से ली गई है।

हुरुन रिसर्च टीम ने मूल्यांकन में बराबरी बनाए रखने के लिए हाल की फंडिंग राउंड के आधार पर सबसे नए आँकड़ें लिए हैं। इसके अलावा, कुछ मामलों में निवेशकों द्वारा बताई गई कम कीमत वाली रिपोर्ट को भी शामिल किया गया है, ताकि पूरी जानकारी मिल सके।

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