लोड हो रहा है...

राहुल गांधी ने भड़काई असम में हिंसा, होगी जांच : हिमंत बिस्व सरमा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर तीखा हमला बोला है. सरमा ने असम के गोलपाड़ा में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए राहुल पर भड़काऊ भाषण देने और अतिक्रमणकारियों को उकसाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच करेगी और जरूरी हुआ तो कार्रवाई होगी. सीएम ने कहा कि देश की कई जेलें गांधी परिवार के सदस्यों का इंतजार कर रही हैं. सवाल ये है कि राहुल गांधी कब जेल जाएंगे.

राहुल को बताया हिंसा का जिम्मेदार

सीएम सरमा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के उकसावे वाले बयानों की वजह से असम के गोलपारा जिले में अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा हुई. इस हिंसा में 21 पुलिसकर्मियों समेत 23 लोग घायल हुए और एक अतिक्रमणकारी की मौत हुई. उन्होंने कहा कि पुलिस राहुल गांधी और खड़गे के भाषणों की जांच करेगी और देखेगी कि क्या उनमें ऐसी कोई बात है जो कानून के खिलाफ है. अगर कुछ गलत मिला तो हम राहुल और खड़गे के खिलाफ कार्रवाई में बिल्कुल नहीं हिचकेंगे.

राहुल पर लैंड जिहादियों को उकसाने का आरोप

सरमा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह अतिक्रमणकारियों और ‘लैंड जिहादियों’ को सरकारी जमीन कब्जाने के लिए उकसा रहे हैं. वे भूल गए कि जंगल की जमीन पर पुनर्वास नहीं किया जा सकता. इसके बावजूद उन्होंने लोगों से कहा कि उन्हें उसी जगह पर घर देकर बसाया जाएगा. सरमा ने राहुल के इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि इसके चलते अतिक्रमणकारी भड़क गए और आज सुबह पुलिस पर पत्थरबाजी की और हथियारों से हमला किया. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक अतिक्रमणकारी की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए.

‘खुद बेल पर, दूसरों को जेल भेजने की बात कर रहे’

सीएम सरमा ने राहुल गांधी के असम में दिए उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर 2026 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में आई तो हिमंत बिस्व सरमा को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजा जाएगा. गुवाहाटी के पास छायगांव में रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने सरमा को भारत का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताया था और कहा था कि ये अपने आपको राजा समझते हैं, लेकिन जनता इन्हें जेल भेजेगी. इसके जवाब में सीएम सरमा ने कहा है कि राहुल गांधी को अपनी स्थिति याद रखनी चाहिए. वह खुद कई आपराधिक मामलों में जमानत पर बाहर हैं और दूसरों को जेल भेजने की बात कर रहे हैं.

- Advertisement -

साभार : एनडीटीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।