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चुनाव आयोग ने चिराग पासवान की मढ़ौरा विधानसभा से प्रत्याशी सीमा सिंह का नामांकन किया रद्द

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान से पूर्व सारण जिले की मढ़ौरा विधानसभा सीट से एनडीए को झटका लगा है। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की प्रत्याशी भोजपुरी अभिनेत्री सीमा सिंह का नामांकन रद्द कर दिया गया है। शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान उनका पर्चा खारिज हुआ।

निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि सीमा सिंह के नामांकन पत्र में आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं थे, जिसके कारण इसे अमान्य पाया गया। मढ़ौरा सीट इस बार एनडीए के घटक दल लोजपा (रामविलास) के खाते में गई थी। सीमा सिंह ने शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल किया था, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण शनिवार को यह अस्वीकार हो गया।

तीन अन्य प्रत्याशियों का नामांकन भी रद्द

सीमा सिंह के साथ तीन अन्य प्रत्याशियों का नामांकन भी रद्द किया गया है। इनमें बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से आदित्य कुमार, जदयू के बागी निर्दलीय प्रत्याशी अल्ताफ आलम उर्फ राजू और निर्दलीय विशाल कुमार शामिल हैं। इस प्रकार कुल चार उम्मीदवार अब चुनावी मैदान से बाहर हो गए हैं। नामांकन रद्द होने से मढ़ौरा सीट पर एनडीए की स्थिति कमजोर होती दिख रही है। अभिनेत्री सीमा सिंह ने नामांकन के बाद कहा था कि उन्होंने 11 वर्षों तक भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाई है और अब वे राजनीति के माध्यम से मढ़ौरा के लोगों के दिलों में जगह बनाना चाहती हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट पर अब मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। एनडीए को अपने उम्मीदवार बदलने या गठबंधन में नई रणनीति अपनाने की आवश्यकता होगी। मढ़ौरा सीट सारण जिले की प्रमुख सीटों में से एक है, जहां हर चुनाव में कड़ा मुकाबला होता है।

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साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।