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अमेरिका के ब्रुकलिन ब्रिज से टकराया मेक्सिको नेवी का ट्रेनिंग शिप

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वाशिंगटन. न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक ब्रुकलिन ब्रिज पर 17 मई की रात एक ऐसा हादसा हुआ जिसने अमेरिका और मैक्सिको दोनों देशों को झकझोर दिया. इस हादसे में एक ऐतिहासिक नौसेना शिप, आधुनिक शहरी संरचना से टकराकर अफरातफरी और चिंता का कारण बन गया. हादसा तब हुआ जब मैक्सिकन नेवी का टाल सेलिंग ट्रेनिंग शिप ‘एआरएम कुआउतेमोक’ न्यूयॉर्क के ईस्ट रिवर में गश्त कर रहा था.

इस जहाज में करीब 200 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर नौसैनिक कैडेट्स थे. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि जहाज का ऊंचा मस्तूल सीधे ब्रुकलिन ब्रिज की डेक से जा टकराया. घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने जब यह नजारा देखा तो उनकी आंखों के सामने कुछ सेकंड के लिए समय जैसे थम गया. कुछ ने सोशल मीडिया पर इस भयानक टक्कर के वीडियो शेयर किए. एक यूजर ने लिखा, ‘अभी लाइव देखा कि ब्रुकलिन ब्रिज को एक विशाल मैक्सिकन झंडे वाले जहाज ने जोरदार टक्कर मारी’

मास कैजुअल्टी इवेंट घोषित

शिप एआरएम कुआउतेमोक को 1982 में स्पेन में तैयार किया गया था और यह मैक्सिकन नेवी का प्रमुख ट्रेनिंग पोत है, जिसका उपयोग युवा नौसैनिकों को समुद्री अभ्यास सिखाने के लिए किया जाता है. हादसे के बाद मेक्सिकन नौसेना ने इसे मास कैजुअल्टी इवेंट घोषित कर दिया है, यानी ऐसी घटना जिसमें एक साथ कई लोग घायल हुए हों. हालांकि यह अब तक साफ नहीं हो पाया है कि जहाज ईस्ट रिवर में किस खास उद्देश्य से मौजूद था.

न्यूयॉर्क पुलिस ने संभाला मोर्चा

हादसे के तुरंत बाद न्यूयॉर्क पुलिस और अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने मोर्चा संभाला और सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दुर्घटना में कई लोग घायल हुए हैं जिन्हें नदी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है. वहीं, ब्रुकलिन ब्रिज को एहतियात के तौर पर कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया गया, ताकि पुल की संरचना की जांच की जा सके.

ट्रेनिंग शिप ले जाना सही या गलत

यह घटना केवल एक समुद्री टक्कर नहीं थी, बल्कि यह दिखाती है कि वैश्विक स्तर पर चल रहे सैन्य अभ्यास और सार्वजनिक संरचनाओं के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण है. 1982 में बने ऐतिहासिक शिप की यह टक्कर सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शहरी सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों की समीक्षा की चेतावनी है. इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़े सैन्य जहाजों की आवाजाही कितनी सुरक्षित है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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