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उल्लूर घाटी में आईईडी ब्लास्ट से सर्चिंग पर निकले एक जवान का बलिदान, 3 घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रायपुर. बीजापुर जिले के भोपालपटनम के उल्लूर घाटी में आईईडी ब्लास्ट में एक डीआरजी जवान शहीद हो गया, जबकि तीन जवान घायल हैं। पुलिस अफसरों के मुताबिक जवानों की एक पार्टी इंद्रावती टाइगर नेशनल पार्क एरिया में ऑपरेशन के लिए गई थी। इस दौरान उल्लूर के निकट डीआरजी जवान दिनेश नाग का पैर आईईडी पर पड़ गया और धमाका हो गया, जिससे इससे दिनेश शहीद हो गए। वहीं, जवान भरत धीर, पायकु हेमला और मुदुर कवासी घायल हो गए है। घायल जवानों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। दरअसल, बारिश के बीच नक्सलियों के खिलाफ फोर्स ऑपरेशन चला रही है।

अभी मानसून में नक्सलियों के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना नेशनल पार्क एरिया को माना जा रहा है। फोर्स ने इस इलाके में फोकस किया है और बारिश में भी इस इलाके में लगातार अभियान चला रहे हैं। यह इलाका अभी फोर्स के लिए नया है और यहां पर नक्सलियों ने कहां-किस स्थान पर आईईडी लगा रखी है, इसकी जानकारी जवानों को नहीं है। ऐसे में जवान यहां आईईडी की चपेट में आ रहे हैं। बता दें कि पिछले कुछ महीनों से फोर्स नक्सलियों के गढ़ में घुसकर नक्सल विरोधी अभियान चला रही है। अभी बीजापुर में फोर्स नेशनल पार्क एरिया में अपना फोकस रखे हुए है। नक्सलियों के लिए ये इलाका अभी सबसे सुरक्षित है। इस पूरे इलाके में फोर्स का कोई कैंप नहीं है और यहां के घने जंगलों में जंगली जानवर पाए जाते हैं।

नक्सलवाद का खात्मा हमारा संकल्प: सीएम

सीएम विष्णुदेव साय ने नक्सल उन्मूलन अभियान से नक्सली हताश हो चुके हैं, इसलिए इस प्रकार की कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। दिनेश नाग की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। नक्सलवाद का खात्मा हमारा दृढ़ संकल्प है और इस दिशा में हम हर हाल में सफल होंगे।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।