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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले एसआईआर के कारण बढ़े लगभग 40 लाख मतदाता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में लगभग 40.19 लाख वोटर्स के बढ़ने की सूचना है. जानकारी के अनुसार 2021 के चुनाव में इस बार 12.69 करोड़ मतदाता होने वाले है पिछले आंकड़ों पर गौर करें तो 12.29 करोड़ मतदाता थे जिनकी संख्या अभी बढ़ी हुई है. इसकी अंतिम सूची फरवरी माह की छः तारीख को आने वाली है.

पंचायत चुनाव में इस बार 1.05 करोड़ मतदाता पहली बार वोट डालने वाले हैं और इस संख्या में लखीमपुर इस बार अव्वल नजर आ रहा है. यहां 18 साल की आयु पूरी करने वाले 15.71 लाख वोटर बढ़े हैं बाकी नौ जिलों में एक लाख से ज्यादा वोटर्स के बढ़ने की सूचना है.इसके साथ ही जानकारी ये भी सामने है कि गाजीपुर में सबसे ज्यादा 72 हजार वोटर घट गए हैं.

सूची में आंकड़े आये सामने

राज्य निर्वाचन आयोग की सूची में  प्रस्तावित 2026 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जो कि प्रस्तावित है इसमें 3.26 प्रतिशत मतदाताओ की बढोत्तरी हुई है. 1.81 करोड़ मतदाता जुड़े हैं और पुरानी सूची के 1.41 करोड़ मतदाता हटाये गए है. कुल वोटर अब 12.69 करोड़ हैं.

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23 दिसम्बर को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची

आने वाली 23 दिसम्बर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने वाली है. 24 दिसम्बर से 30 दिसम्बर तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी. इसका निस्तारण 31 दिसम्बर से6 जनवरी 2026 तक हो जाना है. इसके बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 फरवरी 2026 को होना है.

डुप्लीकेट वोटर्स पर पैनी नजर

पंचायत मतदाता सूची के 90.76 लाख ऐसे मतदाता के नाम सामने आए हैं जिनके नाम सूची में एक बार से अधिक थे.सत्यापन के बाद 53.67 लाख मतदाता के नाम सूची से हटाए गए हैं. इसके साथ ही पोलिंग बूथ और पोलिंग स्टेशन को लेकर खास इंतजाम हैं इस बार 79857 पोलिंग स्टेशन और 1.99 लाख पोलिंग बूथ बनने वाले हैं. फर्जी वोटर्स को पकड़ने के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम तैयार किया जा रहा है जिससे अब चुनाव पूरी तरह से पारदर्शी होगा.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।