रविवार, सितंबर 06 2026 | 04:49:43 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / भारत ने रूस के येकातेरिनबर्ग और कजान में दो नए वाणिज्य दूतावास शुरू किए, एस जयशंकर ने किया उद्घाटन

भारत ने रूस के येकातेरिनबर्ग और कजान में दो नए वाणिज्य दूतावास शुरू किए, एस जयशंकर ने किया उद्घाटन

Follow us on:

मॉस्को. रूस में दो नए भारतीय महावाणिज्य दूतावास की शुरुआत हुई है. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस दौरे पर येकातेरिनबर्ग और कजान में भारतीय महावाणिज्य दूतावासों के उद्घाटन समारोह में भाग लिया. उन्होंने कहा कि इससे द्विपक्षीय संबंध गहरे होंगे और दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नया चरण शुरू होगा. विदेश मंत्री ने कहा, “यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, जब हम इस देश में दो और महावाणिज्य दूतावास खोल रहे हैं. मैं यह कहना चाहता हूं कि पिछले कुछ महीनों से, इन वाणिज्य दूतावासों की स्थापना के लिए निरंतर कार्य चल रहा है, जैसा कि आपने राजदूत से जल्द से जल्द सुना.”
इस कार्यक्रम में रूसी उप विदेश मंत्री आंद्रे रुडेंको, रूस में भारतीय राजदूत विनय कुमार, कजान और येकातेरिनबर्ग में गवर्नर ऑफिस के प्रतिनिधि, रूसी सरकार के अधिकारी और भारतीय समुदाय के कई सदस्य शामिल हुए. विदेश मंत्री ने रूसी सरकार के समर्थन की सराहना की. इसके साथ ही उन्होंने उप विदेश मंत्री रुडेंको के साथ-साथ तातारस्तान गणराज्य और स्वेर्दलोव्स्क ओब्लास्ट क्षेत्र की क्षेत्रीय सरकारों के प्रति आभार व्यक्त किया.
येकातेरिनबर्ग को लेकर विदेश मंत्री ने कहा, “इस क्षेत्र को अक्सर इसके औद्योगिक महत्व के कारण रूस की तीसरी राजधानी कहा जाता है. यह क्षेत्र भारी इंजीनियरिंग, रत्न-कटाई, रक्षा निर्माण, धातु कर्म, परमाणु ईंधन, रसायन और चिकित्सा उपकरणों का भी केंद्र है. यह साइबेरिया का प्रवेश द्वार है.” दूतावास को लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि यह रूस के सबसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंचों में से एक, इन्नोप्रोम की मेजबानी करता है. इस वाणिज्य दूतावास के खुलने से भारतीय और रूसी उद्योगों के बीच तकनीकी, वैज्ञानिक, आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को और मजबूत करने में मदद मिलेगी.
उन्होंने आगे कहा, “कजान रूस के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले शहरों में से एक है. मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग के बाद, मुझे खुद वहां जाने का सौभाग्य मिला, और इसकी वजह भी यही है कि यह क्षेत्र एक बहुसांस्कृतिक और बहु-जातीय केंद्र है. रूस और शेष एशिया के बीच सेतु का काम करता है.” भारत के विदेश मंत्री ने बताया कि यह वाणिज्य दूतावास अंतर-सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आईटीईसी भागीदारी को प्रोत्साहित करके लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने में मदद करेगा. कजान अपने तेल उत्पादन और उर्वरकों, ऑटोमोबाइल, रक्षा, विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स और विद्युत उपकरणों के शोधन के लिए प्रसिद्ध है.
साभार : न्यूज18

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

म्यांमार नेशनल एयरलाइंस का ATR-72-600 यात्री विमान म्यितकीना हवाई अड्डे पर।

म्यांमार प्लेन पर ड्रोन अटैक से जुड़ा विदेशी नागरिकों का कनेक्शन: NIA का दिल्ली कोर्ट में बड़ा खुलासा

नाएप्यीडॉ । शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली की एक विशेष …