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अफगानिस्तान के वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी भारत दौरे पर दिल्ली पहुंचे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्‍ली. अफगानिस्‍तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी की पांच दिनों की सफल भारत यात्रा के कुछ हफ्ते बाद ही तालिबान शासन के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री, अलहाज नूरुद्दीन अजीजी बुधवार को पांच दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे. अलहाज नूरुद्दीन अजीजी ऐसे समय में पहुंचे हैं जब सीमा पर संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्‍तान के साथ अपनी जमीनी सीमाएं बंद रखी हैं.  इससे अफगानिस्‍तान के फलों जैसे निर्यात को भारी नुकसान हुआ है. गौरतलब है कि इस दौरान, तालिबान शासन ने अपने व्यापारियों को पाकिस्तान के अलावा दूसरे देशों में भी अपना व्यापार बढ़ाने की सलाह दी थी.

व्‍यापार मेला पहुंचे अजीजी 

नई दिल्ली के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को एक्स पर लिखा, ‘अफगान उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अल्हाज नूरुद्दीन अजीजी का भारत की आधिकारिक यात्रा पर हार्दिक स्वागत है. द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को आगे बढ़ाना इस यात्रा का मुख्य फोकस है.’ अजीजी के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय अफगान प्रतिनिधिमंडल ने आज भारत की अपनी पांच दिनों आधिकारिक यात्रा के दौरान अंतरराष्‍ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) 2025 का दौरा किया. इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करना है.

कई स्‍टॉल्‍स का लिया जायजा 

भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के प्रबंध निदेशक नीरज खारवाल ने मेला स्थल पर मंत्री महोदय का स्वागत किया और उन्हें चल रहे मेले, उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य की प्रदर्शनियों में अफगानिस्‍तान के भाग लेने के अवसरों के बारे में जानकारी दी. अजीजी ने मेले में कई स्टॉल्‍स को परखा. इनमें व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने वाले अफगान स्टॉल भी शामिल थे.

2021 के बाद आया कोई मंत्री 

यह साल 2021 के बाद से किसी अफगान मंत्री की आईटीपीओ की पहली यात्रा है. उनकी यह यात्रा अफगानिस्‍तान-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव, जिसमें सीमा बंद होने से एक्‍सपोर्ट प्रभावित होना भी शामिल है, के मद्देनजर आयोजित की गई है. इसने अफगानिस्‍तान को भारत के साथ व्यापार में विविधता लाने के लिए प्रेरित किया है. अफगानिस्‍तान को भारत के प्रमुख निर्यातों में दवाईयां, कपड़े, मशीनरी, चीनी, चाय और चावल जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं, जबकि आयात में कृषि उत्पाद और खनिज शामिल हैं.

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।