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सोशल मीडिया को लेनी होगी अपने प्रकाशन की ज़िम्मेदारी: अश्विनी वैष्णव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. सिंगापुर में चल रहे ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भारत के केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए अहम संदेश दिया। मंत्री ने कहा कि डीपफेक और सिंथेटिक सामग्री की वजह से सोशल मीडिया ने समाज में विश्वास की नींव हिला दी है, और अफ़वाहें पलक झपकते ही फैल जाती हैं।

अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को अपनी प्रकाशित सामग्री की जिम्मेदारी लेनी होगी ताकि समाज को बड़े पैमाने पर नुकसान न पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में काम करने वाली हर कंपनी को संविधान और कानून का पालन करना अनिवार्य है, और उन्हें देश की सामाजिक विविधता और संवेदनशीलता का सम्मान करना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को यह समझना होगा कि जिस देश में वह काम कर रहा है, वहाँ की सामाजिक संरचना और विविधता का सम्मान करना अनिवार्य है।

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।