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भारत सहित पूरी दुनिया में घंटों डाउन रहा यूट्यूब और गूगल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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वाशिंगटन. यूट्यूब यूजर्स के लिए काफी परेशानी भरी रही। गूगल के स्वामित्व वाला यह दिग्गज स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म भारत और अमेरिका सहित दुनिया के कई बड़े देशों में अचानक क्रैश हो गया। हजारों की संख्या में लोगों ने शिकायत की कि वे न तो वीडियो देख पा रहे थे और न ही ऐप या वेबसाइट सही से काम कर रही थी।

भारत में कब और कैसे शुरू हुई दिक्कत?
आउटेज पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘डाउनडिटेक्टर’ के अनुसार, भारत में शाम करीब 5:00 बजे से ही समस्या शुरू हो गई थी। शाम 6:51 बजे यह समस्या अपने चरम पर पहुंच गई, जब अकेले भारत से ही लगभग 3,855 लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। हालांकि, रात 7:06 बजे तक शिकायतों का ग्राफ गिरकर 97 पर आ गया, जिससे राहत का संकेत मिला।

किस तरह की समस्याएं आईं सामने
रिपोर्ट्स के अनुसार, 54 प्रतिशत यूजर्स को सर्वर कनेक्शन से जुड़ी दिक्कतें हुईं। वहीं, 35 प्रतिशत लोगों ने वेबसाइट एक्सेस न होने की शिकायत की, जबकि 11 प्रतिशत यूजर्स को सीधे वीडियो स्ट्रीमिंग में परेशानी आई। इससे साफ है कि आउटेज का असर YouTube के कई फीचर्स पर पड़ा।

अमेरिका और अन्य देशों में भी असर
YouTube की यह समस्या सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका में भी हजारों यूजर्स ने प्लेटफॉर्म डाउन होने की शिकायत की। अमेरिकी समयानुसार सुबह 8:15 बजे (EDT) तक 10,800 से ज्यादा रिपोर्ट्स दर्ज की गईं। कुछ देर बाद यह संख्या घटकर करीब 7,600 रह गई।अमेरिका के अलावा कनाडा में 1,300 से ज्यादा यूजर्स और यूनाइटेड किंगडम (UK) में करीब 3,000 यूजर्स ने YouTube से जुड़ी समस्याओं की शिकायत की। इससे साफ है कि यह आउटेज वैश्विक स्तर पर फैला हुआ था।

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कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले पर YouTube या Google की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि असल में प्रभावित यूजर्स की संख्या इससे ज्यादा हो सकती है, क्योंकि Downdetector केवल उन्हीं शिकायतों को दिखाता है, जो यूजर्स खुद दर्ज करते हैं।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।