लोड हो रहा है...

राजस्थान विधानसभा से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सहित 6 विधायक सस्पेंड

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

जयपुर. राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को कथित अशोभनीय व निंदनीय आचरण करने के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित पार्टी के 6 विधायकों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग द्वारा रखे गए इस आशय के प्रस्ताव के पारित होने की घोषणा की। इसके बाद सदन की कार्यवाही 24 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई।

24 फरवरी तक कार्यवाही स्थगित

मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा, ”मैं निवेदन करता हूं कि प्रतिपक्ष के सदस्यों द्वारा सदन में अशोभनीय और निंदनीय आचरण किए जाने के फलस्वरूप निम्नांकित माननीय सदस्यों को मौजूदा बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया जाए- गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन, हाकिम अली व संजय कुमार।” विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित हुआ घोषित किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही 24 फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस विधायकों ने की नारेबाजी

बता दें कि मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के संदर्भ में एक ‘‘अनुचित’’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। दरअसल, राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने प्रश्नकाल के दौरान कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास संबंधी सवाल का उत्तर देते समय विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘2023-24 के बजट में भी आपने हर बार की तरह अपनी ‘दादी’ इंदिरा गांधी के नाम पर इस योजना का नाम रखा था।’’

तीन बार स्थगित करनी पड़ी कार्यवाही

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस पर आपत्ति जताई और मंत्री से माफी मांगने एवं शब्द को कार्यवाही से हटाए जाने की मांग की। इसके बाद कांग्रेस के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और वे आसन के सामने आ गए। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। चौथी बार शाम चार बजे जब सदन की बैठक हुई तो मुख्य सचेतक गर्ग ने विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव रखा।

- Advertisement -

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।