रविवार, जनवरी 25 2026 | 01:59:35 PM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / संसद प्रश्न: – मैंग्रोव संरक्षण

संसद प्रश्न: – मैंग्रोव संरक्षण

Follow us on:

नवीनतम भारत वन स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2023 के अनुसार देश में कुल मैंग्रोव आच्छादन 4,991.68 वर्ग किमी है, जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 0.15 प्रतिशत है। आईएसएफआर 2019 और आईएसएफआर 2023 की तुलना में, देश के मैंग्रोव आच्छादन में 16.68 वर्ग किमी की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आईएसएफआर 2019 और आईएसएफआर 2023 के अनुसार मैंग्रोव आच्छादन का राज्य/केंद्र शासित राज्यवार विवरण नीचे तालिका में दिया गया है।

बजट घोषणा 2023-24 के एक भाग के रूप में, मैंग्रोव को अद्वितीय, प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में बहाल करने, उसे बढ़ावा देने और तटीय आवासों की स्थिरता को संरक्षित करने और बढ़ाने के उद्देश्य से 5 जून 2023 को मैंग्रोव पहल तटरेखा आवास और मूर्त आय (एमआईएसएचटीआई) का शुभारंभ किया गया है। एमआईएसएचटीआई का उद्देश्य भारत के तट पर मैंग्रोव पुनर्वनीकरण/वनीकरण उपायों को अपनाकर मैंग्रोव वनों को पुनर्स्थापित करना है। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत तटीय क्षेत्र विनियमन अधिसूचना 2019 (सीआरजेड) मैंग्रोव को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों (ईएसएएस) के रूप में वर्गीकृत करती है, जिससे इन क्षेत्रों में केवल बहुत सीमित गतिविधियों की अनुमति मिलती है। इसके अतिरिक्त, मैंग्रोव के साथ 50 मीटर के बफर जोन का प्रावधान भी सीआरजेड-Iए के रूप में निर्दिष्ट किया गया है। यदि मैंग्रोव कवर 1,000 वर्ग मीटर से अधिक है ऐसे मामलों में, यदि विकास प्रक्रिया के दौरान किसी मैंग्रोव के प्रभावित होने की संभावना है, तो सीआरजेड-2019 विनियमन के प्रावधानों के अनुसार, नष्ट हुए मैंग्रोव की संख्या के तीन गुना अधिक मैंग्रोव का पुनःरोपण किया जाना चाहिए। इसके अलावा, मैंग्रोव क्षेत्रों और मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्रों को वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 और राज्य-विशिष्ट कानूनों के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत भी संरक्षित किया गया है।

देश में मैंग्रोव आच्छादन का राज्यवार और वर्षवार विवरण

(वर्ग किमी में )

क्र. सं. राज्य/केंद्र शासित प्रदेश क्षेत्र आईएसएफआर 2019 के अनुसार मैंग्रोव आवरण आईएसएफआर 2023 के अनुसार मैंग्रोव आवरण
1 आंध्र प्रदेश 404.00 421.43
2 गोवा 26.00 31.34
3 गुजरात 1177.00 1164.06
4 कर्नाटक 10.00 14.20
5 केरल 9.00 9.45
6 महाराष्ट्र 320.00 315.09
7 ओडिशा 251.00 259.06
8 तमिलनाडु 45.00 41.91
9 पश्चिम बंगाल 2,112.00 2119.16
10 अंडमान और निकोबार द्वीप समूह 616.00 608.29
11 दमन और दीव 3.00 3.86
12 पुदुचेरी 2.00 3.83
  कुल 4,975.00 4991.68

यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में लोकसभा में दी।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

सांप के जहर की दवा (ASV) के इंजेक्शन

सांप के जहर की दवाओं के साइड इफेक्ट्स पर नई रिसर्च: क्या एंटी-वेनम अब खतरनाक है?

नई दिल्ली. सांप के काटने पर दी जाने वाली एंटी-स्नेक वेनम (ASV) दवाओं के दुष्प्रभावों …